उत्तराखंड में लापता व्यक्ति का पता न चलने पर बचाव दल लौटा, पीड़ित ने कहा- ‘दूतावास ने नहीं की मदद’

 

नेपाल,भारत सीमा संवाददाता जीत बहादुर चौधरी की रिपोर्ट
17/08/2025

काठमाण्डौ,नेपाल – उत्तराखंड, पौड़ी गढ़वाल के बाकुड़ा में हुए भूस्खलन में लापता हुए बर्दिया जिले के 5 लोगों को बचाने गई एसडीआरएफ (राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल) की टीम भी शनिवार को लौट आई।

5 अगस्त को हुए भूस्खलन में बर्दिया जिले के केवल 5 लोग ही लापता हुए थे। वहाँ के मज़दूरों के अनुसार, एसडीआरएफ घटनास्थल से लगभग 100 किलोमीटर दूर धुमाकोट पहुँची और वापस लौट आई।

बकुड़ा के एक मज़दूर चित्र बहादुर पौडेल ने बताया कि वे 10 दिनों की खोज के बाद लौटे और उन्हें एक हाथ के अलावा कुछ नहीं मिला।

उन्होंने कहा, “एसडीआरएफ ने बताया है कि खोज अभियान फिलहाल रोक दिया गया है और कहा है कि लापता व्यक्ति तभी मिल सकता है जब भूस्खलन के बाद भारी बारिश हो।”

*उत्तराखंड बाढ़: लापता व्यक्ति का नाम और पता न मिलने से तलाश अधर में*

लापता व्यक्ति के मिलने की उम्मीद खत्म होने के बाद, सड़क निर्माण में लगे नेपाली लोगों ने भी काम शुरू कर दिया है। पौडेल ने बताया कि बर्दिया जिला के 28 और बांके जिला के 13 मज़दूर वहाँ सड़क निर्माण में लगे हैं। वे 60 किलोमीटर से ज़्यादा दूरी पर जगह-जगह सड़क की दीवारें बनाने में लगे हैं। पौडेल ने कहा कि यह जोखिम भरा है क्योंकि यह बहुत दुर्गम इलाका है।

वहाँ के नेपाली मज़दूरों ने दुख जताया है कि नेपाली नागरिक के लापता होने के दस दिन बाद भी नेपाली दूतावास से कोई नहीं आया है।

गुलरिया-2 निवासी लापता व्यक्ति सुभाष दमाई के पिता सोम बहादुर ने कहा, “भारत से विधायक और पुलिस भी आकर पूछताछ कर चुके हैं, लेकिन दूतावास से कोई नहीं आया है।”

लापता व्यक्ति का पता न चलने के कारण, बर्दिया जिला के पाँच लोगों के परिवारों ने मौत का कारण पता लगाने की कोशिश की है।

भारतीय अधिकारियों ने अभी तक मौत का मामला दर्ज नहीं किया है। कुछ समय पहले, उत्तराखंड राज्य के पौड़ी अलीसेन के पुलिस निरीक्षक लाखन सिंह ने हाथ मिलने की पुष्टि करते हुए दस्तावेज़ एकत्र किए थे। पौडेल ने कहा कि मृत्यु दर्ज होने में एक महीने से लेकर एक साल तक का समय लग सकता है।

*लापता व्यक्ति के मिलने की कोई उम्मीद न होने पर रिश्तेदारों ने आश्रय गृह में शरण ली।*

मधुवन नगर पालिका-6 के गाँव नंबर 4 के एक ही परिवार के नरेंद्र खड़का, उनकी पत्नी सरस्वती और 22 महीने का बेटा रोमन भूस्खलन में लापता हैं। मधुवन नगर पालिका-6 के गाँव नंबर 8 के रामू परियार की पत्नी अमृता और गुलरिया-2 के सुभाष दमई भी लापता हैं।

रामू परियार की बेटी और गंभीर रूप से घायल लक्ष्मी परियार का हल्द्वानी के सुशीला तिवारी अस्पताल में इलाज चल रहा है।

भारत के दिल्ली स्थित नेपाली दूतावास के एसएसपी प्रकाश मल्ल ने बताया कि सड़क कई जगहों पर क्षतिग्रस्त है और वहाँ यात्रा करना संभव नहीं है।

उन्होंने कहा, ‘संभावना है कि सड़क की मरम्मत के बाद दूतावास के कर्मचारी चले जाएंगे।’ उन्होंने कहा, ‘जब तक शव नहीं मिल जाता, भारत सरकार मौत की पुष्टि नहीं करेगी।’

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  • Ramchandra Rawat

    चीप एडिटर - इंडिया न्यूज़ जक्शन

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