भारत में ऑनलाइन जुए पर प्रतिबंध, संसद ने कानून पारित किया

 

सीमा संवाददाता जीत बहादुर चौधरी की रिपोर्ट
22/08/2025

काठमनण्डौ,नेपाल – भारत की संसद ने व्यापक प्रभाव वाले ऑनलाइन जुए पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाने वाला एक कानून पारित किया है।

यह फैसला सरकार द्वारा जारी आंकड़ों के बाद आया है, जिसके अनुसार देश भर में लगभग 45 करोड़ लोग हर साल ऑनलाइन जुआ खेलकर कुल 2.3 अरब अमेरिकी डॉलर गँवा देते हैं।

*नया कानून कार्ड और पोकर जैसे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर प्रतिबंध लगाता है।*

‘ऑनलाइन गेमिंग प्रमोशन एंड रेगुलेशन बिल’ नामक इस कानून को गुरुवार शाम संसद के दोनों सदनों ने पारित कर दिया।

अब से, जो कोई भी इस तरह के जुए को बढ़ावा देगा या इसमें निवेश करेगा, उसे पाँच साल तक की कैद की सज़ा होगी।

सरकार द्वारा जारी एक बयान में कहा गया है, ‘इस कानून का उद्देश्य उन ऑनलाइन जुआ प्लेटफॉर्म पर नियंत्रण करना है जो उपयोगकर्ताओं को झूठी उम्मीदों का लालच देते हैं, लत, वित्तीय बर्बादी और सामाजिक संकट का कारण बनते हैं।’

भारत का गेमिंग उद्योग दुनिया के सबसे बड़े बाजारों में से एक है, लेकिन नए कानून में ई-स्पोर्ट्स और शैक्षिक खेलों को छूट दी गई है। सरकार ने कहा है कि वह डिजिटल अर्थव्यवस्था के हिस्से के रूप में ऐसे सकारात्मक खेलों को बढ़ावा देगी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “नया कानून ई-स्पोर्ट्स और सोशल गेम्स को बढ़ावा देगा, लेकिन समाज को ऑनलाइन जुए के नकारात्मक प्रभावों से भी बचाएगा।”

उद्योग संघों ने पूर्ण प्रतिबंध के बजाय विनियमन और कराधान के माध्यम से समाधान खोजने का सुझाव दिया था, क्योंकि उन्हें चिंता थी कि प्रतिबंध उपयोगकर्ताओं को अवैध विदेशी प्लेटफार्मों की ओर धकेल सकता है।

लेकिन विधेयक के समर्थकों का कहना है कि सामाजिक, मानसिक स्वास्थ्य और आर्थिक लागतों के कारण पूर्ण प्रतिबंध आवश्यक है।

अधिकारियों का कहना है कि ऑनलाइन जुए के तेज़ी से विस्तार ने आर्थिक संकट, मानसिक लत और यहाँ तक कि आत्महत्या को भी जन्म दिया है।

सरकार के अनुसार, ऐसे प्लेटफॉर्म धोखाधड़ी, अवैध धन शोधन और आतंकवाद के वित्तपोषण से भी जुड़े रहे हैं।

प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा, “नया कानून जुए और सोशल गेम्स के बीच स्पष्ट अंतर करता है।

यह प्रतिस्पर्धी ई-स्पोर्ट्स और सुरक्षित शैक्षिक और सामाजिक डिजिटल गेम्स को प्रोत्साहित करता है।

सरकारी सूचना पत्र में कहा गया है, “यह कानून रचनात्मक डिजिटल मनोरंजन और धोखाधड़ी वाले, ऑनलाइन जुए और काल्पनिक खेलों के बीच स्पष्ट रूप से अंतर करता है जो उपयोगकर्ताओं को झूठे मुनाफे का लालच देते हैं।”

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  • Ramchandra Rawat

    चीप एडिटर - इंडिया न्यूज़ जक्शन

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