सीमा संवाददाता जीत बहादुर चौधरी की रिपोर्ट
23/08/2025
काठमाण्डौ,न्पाल – कांग्रेस महासचिव गगन थापा ने कहा है कि नेपाल और भारत के बीच विश्वास का संकट है।
उन्होंने यह बात शनिवार को बीरगंज में प्रदीप गिरि संस्थान द्वारा आयोजित ‘उत्साह और संघर्ष के आलोक में: प्रदीप गिरि’ कार्यक्रम में बोलते हुए कही।
कार्यक्रम के तीसरे सत्र में बोलते हुए उन्होंने कहा, “सरकारी स्तर पर नेपाल और भारत के बीच विश्वास का एक बड़ा संकट है। नेपाल-भारत संबंधों का मुद्दा उठते ही जल संसाधनों के उपयोग का मुद्दा भी उठता है, चाहे वह कोशी, गंडकी और महाकाली संधियों का मुद्दा हो, ये हमारे अनुभव और इच्छाएँ हैं।”
उन्होंने यह भी कहा कि विश्वास के इस संकट के कारण, दोनों देश पिछले 20/25 वर्षों में जल संसाधनों के उपयोग के संबंध में वह नहीं कर पाए हैं जो उन्हें करना चाहिए था।
उन्होंने कहा कि सरकारी स्तर पर होने वाली बातचीत दोनों देशों की सरकारों द्वारा की जानी चाहिए, लेकिन नागरिक समाज स्तर पर होने वाली बातचीत दोनों देशों के नागरिक समाज द्वारा की जा सकती है।
उन्होंने कहा कि कुछ मुद्दों पर दोनों देशों के नागरिक समाज के बीच बातचीत से कई समस्याओं के समाधान के लिए अनुकूल माहौल बनेगा।
उन्होंने कहा, “यह केवल सीमा पार संबंधों और रोज़ी-रोटी के रिश्तों की बात नहीं है, बल्कि दोनों देशों के समुदायों के बीच वाद-विवाद और चर्चा भी ज़रूरी है, दोनों देशों के लोगों को सरकारों के बीच बातचीत का रास्ता भी खोलना चाहिए।” उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे कार्यों में सुगमता प्रदीप गिरि जैसे नेताओं के माध्यम से ही संभव है।
प्रदीप गिरि के साथ अपने लंबे जुड़ाव और उनके साथ बार-बार भारत आने को याद करते हुए, महासचिव थापा ने कहा कि उन्हें भी भारतीय नेताओं के साथ गिरि के घनिष्ठ और व्यक्तिगत जुड़ाव को देखकर आश्चर्य हुआ।







