सीमा संवाददाता जीत बहादुर चौधरी की रिपोर्ट
26/08/2025
काठमाण्डौ,नेपाल — ऑस्ट्रेलिया ने कहा है कि वह ईरान के राजदूत को निष्कासित करेगा। ऑस्ट्रेलिया ने ईरान पर सिडनी और मेलबर्न में यहूदी विरोधी हमलों का आदेश देने का आरोप लगाया है।
ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज़ ने कहा, “यह हमला ऑस्ट्रेलियाई धरती पर किसी विदेशी देश द्वारा किया गया एक असाधारण और खतरनाक आक्रमण है।”
अंतर्राष्ट्रीय समाचार एजेन्सि के अनुसार, ऑस्ट्रेलिया की सुरक्षा खुफिया एजेंसी के प्रमुख माइक बर्गेस ने दावा किया कि उनकी एजेंसी का आकलन है कि ईरानी सरकार ने यहूदी समुदाय को निशाना बनाकर कम से कम दो या उससे अधिक हमलों का आदेश दिया है।
हालाँकि ईरान अपनी संलिप्तता छिपाने की कोशिश कर रहा है, बर्गेस का दावा है कि पिछले साल 20 अक्टूबर को सिडनी और 6 दिसंबर को मेलबर्न में हुए हमलों में ईरान शामिल था।
इसी तरह, ऑस्ट्रेलियाई विदेश मंत्री पेनी वोंग ने कहा कि द्वितीय विश्व युद्ध के बाद यह पहली बार है जब ऑस्ट्रेलिया ने किसी देश के राजदूत को निष्कासित किया है।
वोंग ने कहा कि ऑस्ट्रेलिया तेहरान के साथ कुछ राजनयिक संबंध बनाए रखेगा, लेकिन ईरान में उसका दूतावास अपने कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए बंद रहेगा। उन्होंने ऑस्ट्रेलियाई नागरिकों से ईरान की यात्रा न करने का भी आग्रह किया।
प्रधानमंत्री अल्बानीज़ ने यह भी कहा कि उनकी सरकार ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) को आतंकवादी संगठन घोषित करेगी।
ऑस्ट्रेलिया में ईरान के राजदूत अहमद सादघी और तीन अन्य अधिकारियों को सात दिनों के भीतर ऑस्ट्रेलिया छोड़ने का आदेश दिया गया है। ईरान ने अभी तक ऑस्ट्रेलिया के इस कदम पर कोई टिप्पणी नहीं की है।







