सीमा संवाददाता जीत बहादुर चौधरी कीरिपोर्ट
26/08/2025
काठमाण्डौ,नेपाल – अखिल नेपाल किसान महासंघ ने पिछले वित्तीय वर्ष की सब्सिडी राशि के भुगतान की मांग को लेकर काठमाण्डौ के मैतीघर में धरना दे रहे गन्ना किसानों के आंदोलन के प्रति पूर्ण समर्थन और एकजुटता व्यक्त की है।
महासंघ ने सोमवार को एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर सरकार से किसानों की मांगों को तुरंत पूरा करने की पुरजोर मांग की है।
महासंघ ने यह भी चेतावनी दी है कि अगर मांग पूरी नहीं हुई तो उत्पन्न होने वाली गंभीर स्थिति की जिम्मेदारी सरकार को स्वयं लेनी चाहिए।
महासंघ के अध्यक्ष डॉ. प्रेम दंगल द्वारा जारी एक बयान में कहा गया है कि महासंघ ने उस कार्यक्रम की ओर गंभीरता से ध्यान आकर्षित किया है जिसमें देश के विभिन्न जिलों के गन्ना किसान 24 अगस्त से मैतीघर में पिछले वित्तीय वर्ष की बकाया सब्सिडी राशि के भुगतान की मांग को लेकर धरना दे रहे हैं।
महासंघ ने सरकार के उस अनुचित निर्णय की निंदा की है जिसमें किसानों को हर साल उनकी उपज के लिए मिलने वाले समर्थन मूल्य को बिना किसी कारण के रोक दिया गया है।
बयान में कहा गया है, “इससे पहले, किसानों ने सरकार को ज्ञापन सौंपकर सचेत किया और देश के विभिन्न हिस्सों में विरोध प्रदर्शन किए, लेकिन उनकी समस्याओं पर कोई ध्यान नहीं दिया गया और उन्हें मजबूरन काठमाण्डौ आकर संघर्ष करना पड़ा।”
बयान में आगे कहा गया है, “हालाँकि महासंघ ने गन्ना किसानों की समस्याओं की ओर सरकार का ध्यान बार-बार आकर्षित किया है, लेकिन उनकी बात ठीक से नहीं सुनी गई है।”
महासंघ ने माँग की है कि किसानों को पिछले वर्ष का पूरा बकाया 100 प्रतिशत दिया जाए, आगामी वर्ष के लिए गन्ने का न्यूनतम समर्थन मूल्य तुरंत तय किया जाए और नीति-निर्माण स्तर पर गन्ना किसानों का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया जाए।
इसके अलावा, सरकार से गन्ना क्षेत्र की समग्र समस्याओं का स्थायी समाधान खोजने और गन्ना उत्पादन के विकास एवं विस्तार पर ध्यान केंद्रित करने का आग्रह किया गया है।
इस बात पर जोर देते हुए कि सरकार को तुरंत आंदोलनकारी किसानों के साथ बातचीत करनी चाहिए और समस्या का समाधान निकालना चाहिए, महासंघ ने यह स्पष्ट कर दिया है कि यदि किसानों की इन जायज मांगों को नजरअंदाज किया गया और निष्क्रियता दिखाई गई, तो इससे उत्पन्न होने वाली किसी भी गंभीर स्थिति की जिम्मेदारी सरकार की ही होगी, किसी और की नहीं।







