उन्होंने लुम्बिनी स्थित मायादेवी मंदिर में बौद्ध परंपरा के अनुसार एक भिक्षु लामा द्वारा मंत्रोच्चार के साथ पूजा-अर्चना की।
उप सम्पादक जीत बहादुर चौधरी की रिपोर्ट
06/09/2025
काठमाण्डौ,नेपाल — भारत के सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश भूषण रामकृष्ण गवई ने बुद्ध की जन्मस्थली लुम्बिनी का दौरा किया।
उन्होंने लुम्बिनी स्थित मायादेवी मंदिर में बौद्ध परंपरा के अनुसार एक भिक्षु लामा द्वारा मंत्रोच्चार के साथ पूजा-अर्चना की।
उन्होंने कहा कि उन्हें खुशी है कि बुद्ध की जन्मस्थली लुम्बिनी जाने की उनकी इच्छा पूरी हुई, क्योंकि वे भारत के पहले बौद्ध मुख्य न्यायाधीश हैं।
लुम्बिनी विकास निधि के उपाध्यक्ष लयहार क्याल लामा ने लुम्बिनी मास्टर प्लान, ऐतिहासिक, पुरातात्विक और धार्मिक महत्व के बारे में जानकारी दी।
मुख्य न्यायाधीश गवई ने दीप प्रज्वलित कर विश्व शांति, मानव कल्याण और नेपाल-भारत के बीच मैत्रीपूर्ण संबंधों को और मजबूत करने की कामना की।
वे काठमाण्डौ में आयोजित दो दिवसीय नेपाल-भारत न्यायिक वार्ता में भाग लेने आए थे। वह शनिवार को लुम्बिनी की यात्रा के बाद काठमाण्डौ लौट आए।
मुख्य न्यायाधीश गवई का स्वागत ट्रस्ट के उपाध्यक्ष ल्हारकयाल लामा और सदस्य-सचिव सनुराजा शाक्य तथा ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने किया।
उपाध्यक्ष डॉ. लामा ने गवई को बुद्ध की एक प्रतिमा भेंट की। मुख्य न्यायाधीश प्रकाश मान सिंह राउत के निमंत्रण पर नेपाल आए गवई भारत के 52वें मुख्य न्यायाधीश हैं।







