उप सम्पादक जीत बहादुर चौधरी की रिपोर्ट
13/09/2025
काठमाण्डौ,नेपाल – नेपाली पत्रकार महासंघ ने राष्ट्रपति द्वारा सुशीला कार्की को प्रधानमंत्री नियुक्त करने और प्रतिनिधि सभा को भंग करने की सिफ़ारिश को संविधान के प्रावधानों के विरुद्ध मानने पर विरोध जताया है। महासंघ का मानना है कि इससे जनमत का अपमान हुआ है।
नेपाली पत्रकार महासंघ के महासचिव राम प्रसाद दहाल द्वारा आज जारी एक बयान में लिखा गया है, ‘महासंघ अलोकतांत्रिक और असंवैधानिक कदमों की कड़ी निंदा करता है।’
महासंघ के अनुसार, देश के पास संविधान के दायरे में भ्रष्टाचार और अशांति के खिलाफ जेनजी पीढ़ी द्वारा उठाई गई मांगों को पूरा करके उन्नत लोकतांत्रिक प्रथाओं में आगे बढ़ने का अवसर था।
महासंघ ने कहा, ‘लेकिन राष्ट्रपति ने संविधान के प्रावधानों के विरुद्ध प्रधानमंत्री की नियुक्ति की और आधी रात को प्रतिनिधि सभा को भंग करने की प्रधानमंत्री की सिफ़ारिश को बरकरार रखा गया। इससे जनमत का अपमान हुआ है।’
महासंघ ने इसे दुर्भाग्य का संकेत बताया। बयान में कहा गया है, “फेडरेशन प्रधानमंत्री की नियुक्ति को संविधान के विरुद्ध और प्रतिनिधि सभा को भंग करने को, जो सर्वोच्च न्यायालय द्वारा पूर्व में निर्धारित मिसाल और सिद्धांतों के विपरीत है, संवैधानिक और नागरिक सर्वोच्चता के विरुद्ध मानता है और इस कदम को लोकतंत्र के प्रति दुर्भावना का संकेत मानता है।”
इस आशंका के साथ कि इससे संविधान द्वारा स्थापित गणतंत्रवाद, संघवाद और समावेशिता जैसी उपलब्धियों को नुकसान पहुँचेगा, फेडरेशन ने सभी पक्षों से वर्तमान संविधान और इसके माध्यम से प्राप्त उपलब्धियों की रक्षा के लिए दृढ़ता से आगे बढ़ने का आह्वान किया है।







