मंच पर दिखा गंगा जमुनी तहजीब की मिसाल
मोहब्बत सबसे, नफरत किसी से नहीं, यही है इंसानियत का पैगाम-अशरफ अली(पूर्व पार्षद)
आई लव हिंदू आई लव मुस्लिम
गोरखपुर। असत्य पर सत्य की जीत का पर्व विजयदशमी के दिन असुरन चौक पर महाशक्ति स्वागत द्वार समिति द्वारा पुरस्कार वितरण और सम्मान समारोह कार्यक्रम का आयोजन किया गया। असुरन चौक से गुजरने वाली ढाई सौ प्रतिमाओं को पुरस्कृत किया गया और आयोजको को सम्मानित किया गया। असुरन चौक से एक से एक शानदार प्रतिमाओं का श्रद्धालुओं ने दर्शन किया यह प्रतिमाएं जनपद के विभिन्न क्षेत्रों से होकर असुरन चौक से गुजरती है ऐसे प्रतिमाओ को पुरस्कृत करने का काम महाशक्ति स्वागत द्वार समिति के पदाधिकारी द्वारा किया गया।
हिंदू मुस्लिम एकता की मिसाल पेश करते हुए पूर्व पार्षद अशरफ अली ने कहा कि जो इंसानियत को नहीं पहचानती उनका कोई धर्म मजहब नहीं होता है जो इंसान को इंसान ना समझे ऐसे लोगों को हम मैसेज देना चाहते हैं कि मोहब्बत सबसे, नफरत किसी से नहीं, आई लव हिंदू, आई लव मुस्लिम यही मेरा पैगाम है सबसे पहले इंसानियत है उसके बाद धर्म मजहब होता है क्योंकि जब एक बच्चा पैदा होता है तो उसका कोई धर्म मजहब नहीं होता है अगर वह हिंदू के यहां पैदा हुआ तो हिंदू रीति रिवाज के हिसाब से पालन पोषण होता है और अगर वह मुस्लिम के घर पैदा हुआ तो वह मुस्लिम रीति रिवाज के हिसाब को सीखता है इसलिए सबसे पहले इंसानियत है फिर कोई धर्म और मजहब है।
शिवेंद्र पांडे ने कहा कि अशरफ भाई उनका पूरा परिवार सामाजिक कार्यों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेता है वहीं धार्मिक आयोजनों में भी उनकी सहभागिता रहती है गंगा जमुनी तहजीब की यहां एक अच्छी तस्वीर दिखाई देती है धर्म के नाम पर राजनीति करने वालों से मेरा कहना है कि धर्म में कोई राजनीति नहीं होनी चाहिए लेकिन राजनीति में धर्म का पालन हो







