मुख्य सचिव ने की पीसीएस-जे परीक्षा की तैयारियों की समीक्षा, अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

 

गोरखपुर। उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव एस.पी. गोयल ने लखनऊ से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आगामी राज्य / प्रवर अधीनस्थ सेवा प्रारंभिक परीक्षा तथा सहायक वन संरक्षक व क्षेत्रीय वन अधिकारी सेवा प्रारंभिक परीक्षा की तैयारियों की समीक्षा की। गोरखपुर मंडलायुक्त सभागार में आयोजित इस बैठक में मंडलायुक्त अनिल ढिंगरा, जिलाधिकारी दीपक मीणा, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राज करन नय्यर, एडीएम सिटी व नोडल अधिकारी परीक्षा अंजनी कुमार सिंह तथा डीआईओएस अमरकांत सिंह मौजूद रहे।

मुख्य सचिव ने बताया कि प्रदेश भर में 12 अक्टूबर 2025 को आयोजित होने वाली इस परीक्षा में गोरखपुर जनपद के 41 परीक्षा केंद्रों पर कुल 19,224 अभ्यर्थी शामिल होंगे। प्रत्येक केंद्र पर औसतन 480 परीक्षार्थी दोनों पालियों में परीक्षा देंगे। जिले में दो सरकारी व 39 गैर सरकारी विद्यालयों को परीक्षा केंद्र बनाया गया है। परीक्षा की शुचिता एवं सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन ने 41 सेक्टर मजिस्ट्रेट और 41 स्टेटिक मजिस्ट्रेट की तैनाती की है।

मुख्य सचिव एस.पी. गोयल ने निर्देश दिया कि परीक्षा को पूरी निष्पक्षता और पारदर्शिता के साथ सम्पन्न कराया जाए। उन्होंने कहा कि “किसी भी प्रकार की लापरवाही या अव्यवस्था बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी अधिकारी अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन सतर्कता के साथ करें।” उन्होंने यह भी कहा कि प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहे ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता न हो।

जिलाधिकारी दीपक मीणा ने बताया कि परीक्षा को सकुशल संपन्न कराने के लिए संपूर्ण प्रशासनिक व पुलिस अमला मुस्तैद रहेगा। डीएम ने कहा, “सभी परीक्षा केंद्रों पर निगरानी रखी जाएगी, किसी भी शिकायत पर त्वरित कार्रवाई होगी।”

एसएसपी राज करन नय्यर ने कहा कि हर परीक्षा केंद्र पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रहेगी। “ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए टीआई, टीएसआई और ट्रैफिक जवानों की ड्यूटी लगाई गई है ताकि आमजन को कोई असुविधा न हो।”

मंडलायुक्त अनिल ढिंगरा ने कहा कि परीक्षार्थियों के प्रवेश, निकास, पेयजल, स्वच्छता और बिजली की व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं। उन्होंने केंद्र व्यवस्थापकों को निर्देश दिया कि किसी भी आकस्मिक स्थिति में तुरंत जिला नियंत्रण कक्ष से संपर्क करें।

मुख्य सचिव ने यह भी स्पष्ट किया कि परीक्षा कक्ष निरीक्षकों में 50 प्रतिशत बाहरी विद्यालयों से और 50 प्रतिशत उसी विद्यालय के शिक्षक नियुक्त किए जाएंगे ताकि निष्पक्षता सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने कहा कि “हमारा लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रत्येक अभ्यर्थी को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और निष्पक्ष वातावरण में परीक्षा देने का अवसर मिले।”

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  • Ramchandra Rawat

    चीप एडिटर - इंडिया न्यूज़ जक्शन

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