उप सम्पादक जीत बहादुर चौधरी की रिपोर्ट
15/10/2025
काठमाण्डौ,नेपा- प्रधानमंत्री सुशीला कार्की ने कहा है कि राष्ट्र हमास द्वारा मारे गए नेपाली युवक बिपिन जोशी के बलिदान और वीरता को कभी नहीं भूलेगा।
प्रधानमंत्री कार्की ने कहा कि बंधकों की रिहाई के लिए दो साल की आशा और सामूहिक प्रार्थना के बीच बिपिन की मृत्यु की खबर सुनकर उन्हें गहरा सदमा लगा है।
प्रधानमंत्री कार्की ने कहा, “इस हृदयविदारक समाचार ने हम सभी को बहुत दुःख पहुँचाया है।
मैं इस कठिन समय में उन्हें अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करती हूँ और उनके शोक संतप्त परिवार और रिश्तेदारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करती हूँ।”
उन्होंने यह भी कहा कि बिपिन न केवल एक छात्र थे, बल्कि ज्ञान की तलाश में विदेश गए हजारों नेपाली युवाओं के एक उज्ज्वल प्रतिनिधि भी थे।
प्रधानमंत्री कार्की ने कहा, “बिपिन जोशी केवल एक छात्र ही नहीं थे; वे ज्ञान की तलाश में विदेश गए हजारों नेपाली युवाओं के एक उज्ज्वल प्रतिनिधि थे। उनका जीवन उत्साह, दृढ़ता और दूसरों की मदद करने के विनम्र स्वभाव से भरा था।”
उन्होंने यह भी कहा कि बिपिन अंतरराष्ट्रीय संघर्ष का एक अमानवीय शिकार बन गए हैं।
प्रधानमंत्री कार्की ने कहा, “नेपाल का बेटा, जो हमेशा शांति का प्रतीक रहा है, अंतरराष्ट्रीय संघर्ष का एक अमानवीय शिकार बन गया है।”
उन्होंने कहा, “उनकी मृत्यु की इस खबर ने पिछले दो वर्षों की हमारी सारी उम्मीदों और सपनों को चकनाचूर कर दिया है।
उनका यह वीरतापूर्ण कार्य उनके जीवन की सबसे बड़ी विरासत है, जो उन्हें नेपाली गौरव के प्रतीक के रूप में हमेशा जीवित रखेगी।”







