उप सम्पादक जीत बहादुर चौधरी की रिपोर्ट
03/11/2025
काठमाण्डौ,नेपाल – नेपाल-भारत संयुक्त तकनीकी दल (जेटीटी) की 17वीं बैठक शुरू हो गई है।
ऊर्जा मंत्रालय के संयुक्त सचिव संदीप देव ने बताया कि यह बैठक सोमवार को पोखरा में शुरू हुई।
संयुक्त सचिव देव के अनुसार, निर्माणाधीन बुटबल-गोरखपुर सीमा पार पारेषण लाइन, जिसके मई 2026 से चालू होने की उम्मीद है, की प्रगति पर चर्चा की जाएगी।
मंत्रालय के प्रवक्ता और संयुक्त सचिव देव ने बताया कि मुख्य एजेंडा यह है कि निर्माण पूरा होने के बाद पारेषण लाइन को कैसे चार्ज किया जाए।
इसी तरह, मंत्रालय ने बताया कि 220 केवी चमेलिया (नेपाल)-जलजीबी (भारत) पारेषण लाइन की प्रगति और कार्यान्वयन पर भी चर्चा की जाएगी।
इस पारेषण लाइन की कुल 45 किलोमीटर लंबाई में से 44.5 किलोमीटर नेपाली क्षेत्र में है, जबकि केवल 500 मीटर भारत में है।
2025 में हुई नेपाल-भारत ऊर्जा सचिव स्तरीय बैठक में भी ट्रांसमिशन लाइन का अध्ययन पूरा करने, उसका निर्माण पूरा करने और 2027 तक उसे चालू करने पर सहमति बनी थी।
देव के अनुसार, धालकेबर-मुजफ्फरपुर 400 केवी ट्रांसमिशन लाइन की क्षमता का पुनर्मूल्यांकन करने का भी एजेंडा है।
उन्होंने कहा, “बैठक में हम धालकेबर-मुजफ्फरपुर अंतरराज्यीय ट्रांसमिशन लाइन की फिर से समीक्षा करेंगे। वर्तमान में, इस लाइन की क्षमता 1100 मेगावाट निर्धारित की गई है।”
बैठक में निजगढ़-मोतिहारी 400 केवी और लमही-लखनऊ-कोहलपुर 400 केवी ट्रांसमिशन लाइनों पर भी चर्चा होगी।
उन्होंने कहा, “हम इस बात पर चर्चा करेंगे कि भविष्य में किस प्रकार की ट्रांसमिशन लाइनें बनाई जा सकती हैं।”







