उप सम्पादक जीत बहादुर चौधरी की रिपोर्ट
02/01/2026
काठमाण्डौ,नेपाल – ईरान में बिगड़ती आर्थिक हालत और बढ़ती महंगाई के खिलाफ शुरू हुए विरोध प्रदर्शन अब देश के ग्रामीण इलाकों तक फैल गए हैं।
गुरुवार को हुई हिंसक झड़पों में कम से कम 6 लोग मारे गए हैं। प्रदर्शनकारी और सुरक्षाकर्मी दोनों मारे गए।
ईरान में महंगाई बहुत बढ़ गई है। ईरानी करेंसी ‘रियाल’ की कीमत इतिहास में अपने सबसे निचले लेवल पर आ गई है (अब 1 डॉलर खरीदने में करीब 1.4 मिलियन रियाल लगते हैं)।
लोग सड़कों पर सरकार का विरोध कर रहे हैं, उनका कहना है कि वे गुज़ारा करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
1 US डॉलर की कीमत करीब 1.35 मिलियन से 1.4 मिलियन ईरानी रियाल के बराबर है। कुछ दिन पहले यह रेट 1.445 मिलियन तक पहुंच गया था, जिसने एक ऐतिहासिक रिकॉर्ड बनाया।
ईरानी सरकार द्वारा तय किया गया ऑफिशियल रेट बहुत कम (करीब 42,125 रियाल) है, लेकिन आम लोगों को इस रेट पर डॉलर बदलने की इजाज़त नहीं है।
राजधानी तेहरान से दूर के इलाकों में विरोध प्रदर्शन ज़्यादा हिंसक रहे हैं।
लूर जाति के लोगों के बसे शहरों में हिंसा खास तौर पर बहुत ज़्यादा रही है। सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए ऑनलाइन वीडियो में प्रदर्शनकारियों को सड़कों पर आग लगाते और गोली चलाते हुए दिखाया गया है।
सुरक्षा बलों ने विरोध प्रदर्शनों को शांत करने के लिए कड़ी कार्रवाई की है।
ईरान के राष्ट्रपति ने माना है कि लोगों की आर्थिक चिंताएँ जायज़ हैं, लेकिन उन्होंने कहा है कि स्थिति को कंट्रोल करना मुश्किल है।
दूसरी ओर, यूनाइटेड स्टेट्स ने ईरानी लोगों की आज़ादी और अधिकारों के लिए समर्थन जताया है।
2022 में महसा अमिनी की मौत के बाद हुए बड़े विरोध प्रदर्शनों की तरह, यह आंदोलन ईरान के कट्टर शासन को चुनौती दे रहा है।









