दिशा फाउंडेशन द्वारा 20 जनवरी को 51 बेटियों का सामूहिक विवाह, सभी को मिलेगा पूरा गृहस्थी का सामान

दिशा फाउंडेशन द्वारा 20 जनवरी को 51 बेटियों का सामूहिक विवाह, सभी को मिलेगा पूरा गृहस्थी का सामा

दिशा फाउंडेशन के सामूहिक विवाह में अतिथियों का किया गया विधिवत भोज

गोरखपुर।समाजसेवा के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय दिशा फाउंडेशन द्वारा आगामी 20 जनवरी को 51 आर्थिक रूप से कमजोर बेटियों का सामूहिक विवाह समारोह भव्य एवं सुव्यवस्थित रूप से आयोजित किया जाएगा। इस आयोजन में शामिल होने वाले सभी अतिथियों, बारातियों एवं आमंत्रित मेहमानों के लिए विधिवत और सम्मानजनक भोज की व्यवस्था की जाएगी। यह जानकारी आज शुक्रवार को नेपाल क्लब, सिविल लाइन में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान संस्था की संस्थापिका एवं वरिष्ठ समाजसेविका सुधा मोदी ने पूरे गंभीर और दृढ़ भाव के साथ दी।
सुधा मोदी ने स्पष्ट रूप से कहा कि यह आयोजन केवल विवाह तक सीमित नहीं है, बल्कि यह बेटियों के सम्मान, गरिमा और सामाजिक स्वीकार्यता का उत्सव है। इसलिए विवाह की प्रत्येक व्यवस्था—चाहे वह वैवाहिक रस्में हों, कन्याओं को दिया जाने वाला सामान हो या फिर आए हुए मेहमानों का स्वागत और भोज—सब कुछ विधिवत, ससम्मान और सुव्यवस्थित ढंग से किया जाएगा। अतिथियों के लिए शुद्ध, संतुलित और पर्याप्त भोजन की व्यवस्था रहेगी, जिससे किसी प्रकार की असुविधा न हो।
उन्होंने बताया कि यह दिशा फाउंडेशन का आठवां सामूहिक विवाह आयोजन है। इससे पूर्व संस्था द्वारा 21-21 आर्थिक रूप से कमजोर कन्याओं का विवाह सफलतापूर्वक कराया जा चुका है। इस बार 20 जनवरी को 51 कन्याओं का विवाह नेपाल क्लब, सिविल लाइन गोरखपुर में सम्पन्न होगा। कन्याओं का चयन उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों—कुशीनगर, हाटा, महाराजगंज, बस्ती सहित अन्य क्षेत्रों—से किया गया है। इसमें दो बेटियां नेपाल की हैं तथा एक दिव्यांग कन्या भी शामिल है, जिन्हें समान सम्मान और सहयोग प्रदान किया जाएगा।
सुधा मोदी ने बताया कि सभी 51 बेटियों को पलंग सहित गृहस्थी की सभी आवश्यक वस्तुएं दी जाएंगी, ताकि वे आत्मसम्मान के साथ अपने नए जीवन की शुरुआत कर सकें। उन्होंने गंभीरता से कहा कि “बेटी बसाओ, बेटी बचाओ सिर्फ नारा नहीं है, इसे हमें अपने कर्म और जिम्मेदारी से साबित करना होगा। बेटियों को अपनाना पड़ेगा, तभी समाज मजबूत होगा।”
प्रेस वार्ता में उन्होंने यह भी कहा कि दिशा फाउंडेशन का उद्देश्य दिखावा नहीं, बल्कि वास्तविक जरूरतमंदों तक मदद पहुंचाना है। यह आयोजन उसी सोच और संकल्प का परिणाम है। शुक्रवार को हुई इस प्रेस वार्ता में उनके वक्तव्य से यह साफ संदेश गया कि संस्था इस सामूहिक विवाह को पूरी निष्ठा, अनुशासन और सामाजिक जिम्मेदारी के साथ सम्पन्न कराएगी।

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  • Ramchandra Rawat

    चीप एडिटर - इंडिया न्यूज़ जक्शन

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