उप सम्पादक जीत बहादुर चौधरी की रिपोर्ट
22/01/2026
काठमाण्डौ,नेपाल – मैक्सिकन सरकार ने अपने देश से 37 खतरनाक ड्रग तस्करों (कार्टेल सदस्यों) को मुकदमा चलाने के लिए संयुक्त राज्य अमेरिका भेजा है।
मेक्सिको ने यह फैसला अमेरिकी न्याय विभाग द्वारा उन अपराधियों के प्रत्यर्पण के अनुरोध के बाद लिया।
मेक्सिको की राष्ट्रपति क्लाउडिया सेनबाम ने कहा कि इस फैसले पर किसी का दबाव नहीं था, बल्कि यह मेक्सिको का अपना स्वतंत्र और “संप्रभु निर्णय” था।
हालाँकि कुछ आलोचकों का कहना है कि मेक्सिको अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की धमकियों के कारण डरा हुआ है, राष्ट्रपति सेनबाम ने कहा, “हमने अपने देश की सुरक्षा और हितों को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया है। मेक्सिको पहले आता है।”
अमेरिका भेजे गए लोग ‘सिनालोआ’ और *सीजेएनजी’ जैसे शक्तिशाली और खतरनाक आपराधिक समूहों के सदस्य हैं।
अमेरिका ने ऐसे समूहों को ‘आतंकवादी’ घोषित कर दिया है।
इनमें अरमांडो गोमेज़ नुनेज़ जैसे बड़े नेता भी शामिल हैं, जो बंदूकों और विस्फोटकों की तस्करी में शामिल थे ।
सुत्र के मुताबिक, मेक्सिको के सुरक्षा मंत्री के मुताबिक, कुछ अपराधी मेक्सिको की जेलों के बाहर अपराध कर रहे थे।
उन्हें सज़ा के लिए अमेरिका भेजा गया क्योंकि उन्हें डर था कि मैक्सिकन अदालत उन्हें रिहा कर देगी।
अब तक मेक्सिको ऐसे कुल 92 अपराधियों को अमेरिका भेज चुका है।
अमेरिकी अटॉर्नी जनरल पाम बॉन्डी ने इसे ट्रंप प्रशासन की बड़ी सफलता बताया और कहा कि उन अपराधियों को अब अमेरिकी धरती पर अपने कार्यों का परिणाम भुगतना होगा।









