धर्म की रक्षा व अधर्म के नाश हेतु भगवान विष्णु ने लिया विविधावतार:आचार्य रामरक्षा उपाध्या
महराजगंज जनपद के घुघली के लक्ष्मीपुर शिवाला में श्रीमद्भागवत कथा सुनाते आचार्य रामरक्षा उपाध्याय
पर जब-जब धर्म की हानि हुई है, पापाचार, अनाचार, अत्याचार, व्यभिचार, दुराचार आदि बढ़े हैं और सज्जनों को दुर्जनों द्वारा पीड़ा दिया गया है।तब-तब लोकपालक भगवान विष्णु धरती पर अवतार लेकर इसका नाश किए हैं और लोगों की रक्षा किए हैं। यह बातें घुघली के लक्ष्मीपुर शिवाला स्थित दलसिंगार भवन के जगदीश्वर प्रज्ञा पंडाल में मुख्य यजमान गिरिजा देवी दास को श्रीमद्भागवत कथा सुनाते हुए कही। उन्होंने कहा कि अभी तक भगवान विष्णु ने अपने अवतारों में पहले में मत्स्य (मछली),दूसरे में कूर्म(कछुआ),तीसरे में वराह(सुअर),चौथे में नृसिंह(आधा नर आधा सिंह),पांचवें में वामन(बौना),छठवें में परशुराम, सातवें में राम,आठवें में कृष्ण और नवें में बुद्ध रूप में धरती पर अवतार ले चुके हैं । दसवां कल्कि अवतार यूपी के संभल जिले में कल्कि धाम नामक स्थल पर होने वाला है। कथा मंडप में पार्थिव पूजन व माला जपने का कार्य सहायक आचार्य पंडित मनोज पांडेय अनवरत कर रहे हैं।इस अवसर पर मिथिलेश देवी, शिवकुमार पटेल,आकाशमणि पटेल,कृष्णमोहन पटेल, प्रेमलता पटेल,राजीव पटेल,अंजनी पटेल,मंशा पटेल,नीरज पटेल, सत्यभामा पटेल,रविंद्र पटेल,रानी पटेल,आराधना पटेल ,रूबी पटेल , राजन पटेल,निकिता पटेल,पल्लवी पटेल,आयुषी पटेल,ऋतिक पटेल,अन्वी पटेल, वैभव पटेल आदि सहित स्वजनों, सगे संबंधियों एवं ग्रामवासियों ने अमृत कथा का रसपान किया।







