सीमा संवाददाता जीत बहादुर चौधरी की रिपोर्ट
27/07/2025
काठमाण्डौ,नेपाल – रविवार को भारत के उत्तराखंड राज्य के हरिद्वार स्थित मनसा देवी मंदिर में मची भगदड़ में छह लोगों की मौत हो गई।
सुत्रो के अनुसार, भगदड़ में कई अन्य लोग घायल भी हुए हैं।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोशल मीडिया ट्विटर पर इस घटना पर दुख व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री सिंह ने घटना की न्यायिक जाँच के निर्देश दिए हैं।
उत्तराखंड सरकार ने भगदड़ में मारे गए लोगों के परिवारों को 2-2 लाख रुपये का मुआवज़ा देने की घोषणा की है। घायलों को 50,000 रुपये की सहायता राशि देने की भी घोषणा की है।
*भगदड़ क्यों मची?*
हरिद्वार के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमोद सिंह डोभाल और जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के हवाले से समाचार एजेंसी पीटीआई ने लिखा – हालाँकि भगदड़ का कारण बिजली या बिजली के तारों के बारे में फैली अफवाहों के बाद सामने आया है, लेकिन घटना के बारे में ठोस जानकारी आगे की जाँच के बाद ही मिल पाएगी।
डोबाल ने कहा – आज सुबह हमें नियंत्रण कक्ष के माध्यम से सूचना मिली कि मनसा देवी मुख्य मार्ग पर भगदड़ मचने से कुछ लोगों की मौत हो गई है। सूचना मिलने के बाद पुलिस की एक टीम मौके पर पहुँच गई है।
उन्होंने आगे कहा – लगभग 35 घायलों को इलाज के लिए अस्पताल लाया गया है। जिनमें से 6 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है।
सिंह के अनुसार, मनसा देवी मंदिर के मुख्य मार्ग के बाद शुरू होने वाली सीढ़ियाँ थोड़ी संकरी हैं। ऐसी अफवाहें थीं कि वहाँ बिजली प्रवाहित हो रही है। मुझे लगता है कि इसी अफवाह के कारण भगदड़ मची।
प्रमोद सिंह डोबाल ने कहा, ‘मनसा देवी मुख्य मार्ग के बाद शुरू होने वाली सीढ़ियाँ थोड़ी संकरी हैं। ऐसी अफवाहें थीं कि वहाँ बिजली प्रवाहित हो रही है। मुझे लगता है कि इसी शोर के कारण भगदड़ मची।’
घटना में घायल हुए संतोष कुमार ने कहा, ‘भगदड़ के दौरान मंदिर के आसपास भारी भीड़ थी, खड़े होने की जगह नहीं थी। भारी भीड़ के कारण लोग गिरने लगे। लोग दुकान के पीछे लगे तारों को पकड़कर चढ़ने लगे। जिससे तार सड़क पर गिर गए।’ लोग बिजली के झटके से मर गए।’







