सीमा संवाददाता जीत बहादुर चौधरी की रिपोर्ट
09/08/2025
काठमाण्डौ,नेपाल – अंतर्राष्ट्रीय सुत्रो की रिपोर्ट के अनुसार, भारत ने अमेरिका से नए हथियार और विमान खरीदने की अपनी योजना को फिलहाल स्थगित करने का फैसला किया है।
भारत ने यह कदम अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारतीय निर्यात पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाए जाने के जवाब में उठाया है।
रॉयटर्स समाचार एजेंसी के अनुसार, तीन भारतीय अधिकारियों के हवाले से, भारत ने पिछले कुछ हफ्तों में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को हथियारों की खरीद की घोषणा करने के लिए वाशिंगटन भेजने की योजना बनाई थी।
हालाँकि, अब यह दौरा रद्द कर दिया गया है। हालाँकि, भारत ने शुक्रवार को एक बयान जारी कर कहा कि हथियारों पर बातचीत स्थगित होने की खबरें “झूठी और मनगढ़ंत” थीं।
इस हफ्ते की शुरुआत में राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा भारतीय वस्तुओं पर 25 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ लगाए जाने के बाद दोनों देशों के बीच संबंध खराब हो गए हैं।
उन्होंने कहा कि यह रूस-यूक्रेन युद्ध में मास्को को वित्तीय सहायता देने के लिए भारत को दंडित करने के लिए किया गया था। इसके साथ ही, भारतीय निर्यात पर कुल सीमा शुल्क 50 प्रतिशत तक पहुँच गया है।
रॉयटर्स के अनुसार, भारत द्वारा जनरल डायनेमिक्स लैंड सिस्टम्स के स्ट्राइकर लड़ाकू वाहनों और रेथियॉन व लॉकहीड मार्टिन की जेवलिन एंटी-टैंक मिसाइलों की खरीद पर चर्चा स्थगित कर दी गई है।
ट्रंप और भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फरवरी की शुरुआत में इन वस्तुओं की खरीद और संयुक्त उत्पादन के लिए आगे बढ़ने की तैयारी की थी।
रॉयटर्स ने एक भारतीय अधिकारी के हवाले से लिखा है कि टैरिफ और दोनों देशों के बीच संबंधों की दिशा पर अधिक स्पष्टता आने के बाद भारत रक्षा खरीद प्रक्रिया को आगे बढ़ा सकता है।
नई दिल्ली इस अनुचित लक्ष्यीकरण पर प्रतिक्रिया देते हुए कह रहा है कि संयुक्त राज्य अमेरिका और उसके यूरोपीय सहयोगी अपने हितों के अनुसार मास्को के साथ व्यापार कर रहे हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने शुक्रवार को संयुक्त राज्य अमेरिका को निर्यात किए जाने वाले भारतीय सामानों पर भारी टैरिफ के प्रभाव पर चर्चा के लिए एक उच्च-स्तरीय कैबिनेट बैठक बुलाई थी। हालाँकि, ट्रंप ने कहा है कि जब तक मौजूदा तनाव सुलझ नहीं जाता, वह भारत के साथ व्यापार वार्ता नहीं करेंगे।
एनडीटी विश्लेषण कहता है कि ट्रंप ने रूस-यूक्रेन युद्ध में मास्को पर आर्थिक दबाव बढ़ाने के लिए भारत पर दंडात्मक टैरिफ लगाए। भारत रूसी तेल का दूसरा सबसे बड़ा खरीदार है। ट्रंप ने रूस को युद्धविराम पर सहमत होने के लिए 50 दिनों की समयसीमा भी दी है।
उन्होंने कहा था कि वह रूसी तेल के सभी खरीदारों पर दंडात्मक शुल्क लगाएंगे। बाद में उन्होंने समयसीमा घटाकर 12 दिन कर दी, जो शुक्रवार को समाप्त हो गई। भारतीय निर्यात पर लगाए गए शुल्क 27 अगस्त से प्रभावी होंगे।







