सीमा संवाददाता जीत बहादुर चौधरी की रिपोर्ट
09/08/2025
काठमाण्डौ,नेपाल – आज श्रावण शुक्ल पूर्णिमा है। हर साल इस दिन जनई पूर्णिमा (ऋषि तर्पण) और रक्षाबंधन मनाया जाता है।
पूर्णिमा के दिन, वैदिक सनातन धर्म के अनुयायी सुबह से ही नदियों, सरोवरों, तालाबों और पोखरों में जाकर स्नान करते हैं और गुरु पुरोहित से रक्षा सूत्र बाँधते हैं।
ऐसा माना जाता है कि यदि भक्त यज्ञोपवीत और गुरु पुरोहित द्वारा विधिपूर्वक जपे गए रक्षा सूत्र को धारण करता है, तो उसे नकारात्मक तत्वों से सुरक्षा मिलती है।
आज, काठमाण्डौ के पशुपतिनाथ सहित मंदिरों में भक्तों और रक्षाबंधन के लिए भीड़ उमड़ रही है।
मानवता की रक्षा के लिए रक्षाबंधन, अर्थात जप, तप और पूजा-अर्चना के बाद अभिमंत्रित किया गया रक्षा सूत्र, वैदिक रीति से ब्राह्मण पुरोहित द्वारा यजमान की दाहिनी कलाई पर बांधा जाता है।
इस दिन नेपाल के तराई क्षेत्र में बहनें अपने भाइयों को राखी बांधकर यह त्यौहार मनाती हैं।







