उप सम्पादक जीत बहादुर चौधरी की रिपोर्ट
20/10/2025
काठमाण्डौ,नेपाल – दैलेख जिला के जलभृत में पाए जाने वाले मीथेन गैस भंडार के खनन के मुद्दे पर चर्चा के लिए एक सरकारी टीम चीन जाने की तैयारी कर रही है। खान एवं भूविज्ञान विभाग की टीम चीन जा रही है।
विभाग के महानिदेशक दिनेश कुमार नापित के नेतृत्व में एक टीम गैस अन्वेषण पर विस्तृत रिपोर्ट को अंतिम रूप देने के मुद्दे पर चर्चा के लिए चीन जा रही है।
चीन के चेंगदू में चाइना जियोलॉजिकल सर्वे द्वारा किए गए भूवैज्ञानिक अध्ययन और चीन की सीएनपीसी सिबू इंजीनियरिंग कंपनी द्वारा की गई ड्रिलिंग ने दैलेख जिला जलभृत में मीथेन गैस भंडार के अस्तित्व की पुष्टि की है।
उद्योग, वाणिज्य एवं आपूर्ति मंत्रालय के अधिकारियों ने कहा था कि वहाँ 112 अरब घन मीटर प्राकृतिक गैस है और अनुमान है कि यह नेपाल की 50 वर्षों की मांग को पूरा कर सकती है।
हालाँकि, चीन ने अभी तक अन्वेषण पर अंतिम रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं की है।
मंत्रालय के अनुसार, चीनी टीम ने कहा है कि वह दिसंबर में रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। खान एवं भूविज्ञान विभाग के महानिदेशक नापित के नेतृत्व में पेट्रोलियम अन्वेषण परियोजना के कर्मचारियों की एक टीम रिपोर्ट को अंतिम रूप देने के लिए चीन जा रही है।
खान विभाग के एक सूत्र ने बताया, “हमें चीन द्वारा दी गई रिपोर्ट की समीक्षा करनी है। इसके लिए चीन ने एक सम्मेलन आयोजित किया है। विभाग की टीम इसमें भाग लेने के लिए चीन जा रही है।”
उन्होंने आगे कहा, “चीन ने कहा है कि वह हमारी समीक्षा के बाद दिसंबर में अंतिम रिपोर्ट देगा।”
11 मई 2023 से दैलेख जिला के जलजले में ड्रिलिंग यानी ज़मीन खोदने का काम शुरू हो गया था। इसके लिए 4,000 मीटर की गहराई तक खुदाई करके गैस भंडार की खोज की गई। नमूने एकत्र किए गए और आगे की जाँच के लिए चीन ले जाए गए।
अधिकारियों का कहना है कि चीनी टीम अन्वेषण रिपोर्ट से यह पता लगाएगी कि गैस की गुणवत्ता कैसी है, इसके प्रसंस्करण और उत्पादन की लागत क्या है, साथ ही यह व्यावसायिक दृष्टिकोण से उपयुक्त है या नहीं।







