बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया, 80, तीन सीटों से चुनाव लड़ेंगी

 

उप सम्पादक जीत बहादुर चौधरी की रिपोर्ट
04/11/2025

काठमाण्डौ,नेपाल – बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया आगामी फरवरी में होने वाले चुनाव लड़ेंगी, पार्टी नेताओं ने बताया है।

80 वर्षीय खालिदा जिया के नाम की घोषणा वरिष्ठ बीएनपी नेता मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर ने की। जिया के देश में तीन निर्वाचन क्षेत्रों से चुनाव लड़ने की खबर है।

उन्हें अपनी बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी में चुनावों का नेतृत्व करने के लिए सबसे आगे देखा जा रहा है। लेकिन उनका स्वास्थ्य बहुत खराब बताया जा रहा है।

अगस्त 2024 में एक जन विद्रोह में उन्हें सत्ता से बेदखल कर दिया गया था और अपनी चिर प्रतिद्वंद्वी शेख हसीना के शासनकाल में कई वर्षों तक जेल में रहीं।

जिया, जिन्होंने तीन बार बांग्लादेश की सरकार का नेतृत्व किया है, को 2018 में हसीना सरकार ने भ्रष्टाचार के आरोपों में जेल में डाल दिया था। हसीना के सत्ता से हटने के कुछ समय बाद ही उन्हें पिछले साल रिहा कर दिया गया था।

हसीना के बेटे तारिक रहमान (तारिक ज़िया) को 2004 में उनकी रैली पर हुए ग्रेनेड हमले के लिए उनकी अनुपस्थिति में आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी।

59 वर्षीय तारिक रहमान (तारिक ज़िया) 2008 से ब्रिटेन में रह रहे हैं। हसीना के पतन के बाद रहमान को उनके खिलाफ लगे गंभीर आरोपों से बरी कर दिया गया था।

दशकों से, बांग्लादेशी राजनीति ज़िया और हसीना के बीच तीखी प्रतिद्वंद्विता से परिभाषित होती रही है, जिसे “बेगमों की लड़ाई” के रूप में जाना जाता है।

यह प्रतिद्वंद्विता 1975 में हुए तख्तापलट में हसीना के पिता, स्वतंत्रता सेनानी शेख मुजीबुर रहमान और उनके परिवार के अधिकांश सदस्यों की हत्या के बाद शुरू हुई थी।

मुजीबुर रहमान की हत्या के तीन महीने बाद, ज़िया के पति, तत्कालीन उप सेना प्रमुख ज़ियाउर रहमान ने सत्ता हथिया ली। वह 1977 में राष्ट्रपति बने। 1981 में उनकी भी हत्या कर दी गई।

उस समय 35 वर्षीय ज़िया, दो बच्चों की माँ, को बीएनपी का नेतृत्व विरासत में मिला।

शुरुआत में एक राजनीतिक नौसिखिया रहीं ज़िया बाद में हसीना की एक मज़बूत प्रतिद्वंद्वी बनकर उभरीं।

उन्होंने सैन्य तानाशाह हुसैन मुहम्मद इरशाद के ख़िलाफ़ आंदोलन का नेतृत्व किया, और 1990 में इरशाद को सत्ता से बेदखल करने के लिए हसीना के साथ मिल गईं।

इसके बाद दोनों महिलाएँ अगले डेढ़ दशक तक बारी-बारी से सत्ता में रहीं।

Please Share this News
  • Ramchandra Rawat

    चीप एडिटर - इंडिया न्यूज़ जक्शन

    सम्बंधित ख़बर

    पत्रकार सत्यम मिश्रा के हमलावरों की तत्काल हो गिरफ्तारी – सेराज अहमद कुरैशी

      गोंडा, उत्तर प्रदेश। इंडियन जर्नलिस्ट एसोसिएशन ® के राष्ट्रीय अध्यक्ष सेराज अहमद कुरैशी ने पत्रकार सत्यम मिश्रा पर हुए हमले की कड़ी शब्दों निंदा करते हुए कहा कि पत्रकारों…

    Please Share this News

    सीरतुन्नबी कॉम्पिटिशन सीजन-2 की विजेता बनीं नगमा खातून, जीता फ्री उमराह पैकेज व ट्राफी

      सीरतुन्नबी, कुरआन और साइंस के तालमेल पर हुआ विशेष व्याख्यान। कलमा शरीफ पढ़ने की मुहिम भी शुरू, दो करोड़ 39 लाख 58 हजार 838 दुरूद शरीफ पेश की। सेराज…

    Please Share this News

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *