गोरखपुर जनपद के राप्तीनगर स्थित सरस्वती शिशु मंदिर में आज दिनांक 28.2. 26 को होलिकोत्सव कार्यक्रम वंदना सभा में मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मां शारदे के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन एवं पुष्प अर्पण कर विद्यालय के प्रधानाचार्य विनोद सिंह राठौर एवं जयंती उत्सव प्रमुख आचार्य प्रेम सागर त्रिपाठी द्वारा संपन्न हुआ।
इस अवसर पर भैया बहनों को संबोधित करते हुए जयंती प्रमुख आचार्य प्रेम सागर त्रिपाठी ने कहा कि हमारी सनातन संस्कृति पर्वों की संस्कृति है। होली हमारा प्रमुख पर्व है। यह बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है कि जहां प्रहलाद की भक्ति की विजय होती है और होलिका रूपी बुराई जल जाती है। यह पर्व प्रेम और सौहार्द बढ़ाने वाला है। बच्चों को ठीक प्रकार से यह त्योहार मनाना चाहिए और प्राकृतिक एवं हर्बल रंगों का प्रयोग करना चाहिए।
कार्यक्रम में अपने आशीर्वादात्मक संबोधन में विद्यालय माननीय प्रधानाचार्य श्री विनोद सिंह राठौर जी ने भैया बहनों को होली की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए कहा कि होली हिंदुओं का प्रमुख पर्व है। यह समाज में सामाजिक समरसता एवं प्रेम के भाव को बढ़ाने वाला है। हिंदी साहित्य में होली का सुंदर एवं विशद
वर्णन है। गोपिका प्रसंग की सुंदर व्याख्या करते हुए प्रधानाचार्य जी ने ब्रज की होली का स्मरण करा दिया। जो पूरे विश्व में सनातन की परंपरा का प्रतिनिधित्व करती है। उन्होंने भैया बहनों से कहा की होली का पर्व प्रेम पूर्वक प्राकृतिक रंग और गुलाल का प्रयोग करके के खेलिए। अपनी वार्षिक परीक्षाओं की तैयारी में भी जुटे रहिए। भैया बहनों को वार्षिक परीक्षा की शुभकामना देते हुए प्रधानाचार्य जी ने कहा स्वस्थ प्रतियोगिता के भाव से भैया बहन वार्षिक परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त करने का प्रयास करेंगे।
विद्यालय की वंदना टोली ने सुंदर होली गीत प्रस्तुत किया।
इस अवसर पर समस्त आचार्य आचार्या एवं भैया बहन उपस्थित रहे।







