उप सम्पादक जीत बहादुर चौधरी की रिपोर्ट
24/04/2026
काठमाण्डौ,नेपाल – पिछले साल मई में भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ गया था।
इस दौरान भारतीय वायुसेना को एक बड़ी कामयाबी हासिल हुई। हरियाणा के सिरसा में तैनात वायुसेना की एक यूनिट ने पाकिस्तान की एक खतरनाक बैलिस्टिक मिसाइल को हवा में ही नष्ट कर दिया।
यह मिसाइल दिल्ली की ओर आ रही थी और अगर यह अपने लक्ष्य तक पहुंच जाती तो भारी नुकसान पहुंचा सकती थी।
ऑपरेशन सिन्दूर और पहलगाम हमला क्या था?
22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में बड़ा आतंकी हमला हुआ था। इस हमले में 26 नागरिक मारे गए।
इसके जवाब में भारत ने ‘ऑपरेशन सिन्दूर’ लॉन्च किया। 7 मई 2025 को इस ऑपरेशन के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाया गया था।
दोनों देशों के बीच यह सैन्य संघर्ष करीब 88 घंटे तक चला जो 10 मई 2025 की शाम को युद्धविराम के बाद रुका।
मिसाइल को कैसे रोका गया और इसका नेतृत्व किसने किया
हरियाणा के सिरसा में 45 विंग की एक इकाई सतह से हवा में मार करने वाली बराक-8 मिसाइल प्रणाली को संभालती है।
इस प्रणाली का उपयोग करके पाकिस्तानी बैलिस्टिक मिसाइलों को रोक दिया गया था।
इस ऑपरेशन का नेतृत्व एयर कमोडोर रोहित कपिल ने किया था जो उस समय 45 विंग के एयर ऑफिसर कमांडिंग थे। 14 अगस्त 2025 को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उनकी बहादुरी के लिए उन्हें युद्ध सेवा पदक से सम्मानित किया।
दोनों देशों से नवीनतम अपडेट और प्रतिक्रियाएँ
पहलगाम हमले की पहली बरसी यानी 22 अप्रैल 2026 को इस ऑपरेशन की पूरी जानकारी सामने आई।
भारतीय सेना ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के जरिए पाकिस्तान को कड़ा संदेश दिया और कहा कि ऑपरेशन सिन्दूर अभी भी जारी है।
उधर, पाकिस्तान के संघीय सूचना मंत्री अतुल्लाह तरार ने इन बातों से इनकार किया है।
उन्होंने कहा कि भारत सबूत देने में नाकाम रहा है और इस मामले की स्वतंत्र जांच होनी चाहिए।









