उप सम्पादक जीत बहादुर चौधरी की रिपोर्ट
03/05/2026
काठमाण्डौ,नेपाल – खाड़ी क्षेत्र में चल रहे युद्ध और तनाव के बीच समुद्री सुरक्षा में एक और बड़ी चुनौती जुड़ गई है।
एक रिपोर्ट सार्वजनिक की गई है कि यमन के तट से एक तेल टैंकर को एक सशस्त्र समूह द्वारा अपहरण कर लिया गया है और सोमालिया ले जाया गया है।
घटना का विवरण
‘एम/टी यूरेका’ का अपहरण
यमनी तट रक्षक के अनुसार, एम/टी यूरेका नामक एक तेल टैंकर को यमन के शबवा प्रांत के तट पर एक अज्ञात सशस्त्र समूह ने जब्त कर लिया है।
*ऑपरेशन
सशस्त्र हमलावर जहाज पर चढ़ गए और चालक दल को अपने नियंत्रण में ले लिया और जहाज को सोमाली जल की ओर मोड़ दिया।
चौथी घटना
पिछले दो सप्ताह में सोमाली समुद्री डाकुओं द्वारा जहाज अपहरण की यह चौथी सफल घटना है, जो इस बात की पुष्टि करती है कि क्षेत्र में समुद्री डाकू फिर से सक्रिय हो गए हैं।
यूएई का स्वामित्व और टोगा का झंडा
समझा जाता है कि अपहृत टैंकर संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के स्वामित्व में है और पश्चिम अफ्रीकी देश टोगो के झंडे के नीचे संचालित होता है। यह जहाज 8 दिन पहले यूएई के फुजैराह बंदरगाह से रवाना हुआ था।
तटरक्षक बल और अंतर्राष्ट्रीय सक्रियता
यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार के तहत तट रक्षक ने कहा कि जहाज के स्थान का पता लगा लिया गया है और बचाव के लिए अंतरराष्ट्रीय भागीदारों के साथ समन्वय चल रहा है।
सुरक्षा अलर्ट
अदन और शबवा से गश्ती नौकाएं तैनात की गई हैं।
चालक दल की सुरक्षा:
जहाज पर चालक दल के सदस्यों की संख्या और उनकी स्वास्थ्य स्थिति अभी तक स्पष्ट नहीं है।
समुद्री डाकुओं का उदय और युद्ध का प्रभाव
ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे युद्ध के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य जैसे मुख्य मार्ग प्रभावित हैं और जहाजों ने वैकल्पिक मार्ग चुनना शुरू कर दिया है।
इस मौके का फायदा उठाकर सोमाली डाकुओं ने फिर से ‘संगठित’ हमला शुरू कर दिया।
21 और 26 अप्रैल को क्रमशः ‘अनार 25’ और ‘एम/वी स्वोर्ड’ नाम के जहाजों को इसी क्षेत्र से अपहरण कर लिया गया था।









