सीमा संवाददाता जीत बहादुर चौधरी की रिपोर्ट
25/08/2025
काठमाण्डौ,नेपाल — बांग्लादेश ने पाकिस्तान से 1971 के नरसंहार के लिए औपचारिक माफ़ी मांगने का आग्रह किया है।
बांग्लादेश के विदेश मामलों के सलाहकार मोहम्मद तौहीद हुसैन ने रविवार को ढाका में एक द्विपक्षीय बैठक के दौरान पाकिस्तान के उप-प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक दार के साथ इस मुद्दे को उठाया।
बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय ने बैठक के बाद एक बयान में कहा, “पाकिस्तान द्वारा 1971 के नरसंहार के लिए औपचारिक और आधिकारिक माफ़ी मांगना, संपत्ति का बंटवारा, 1970 के चक्रवात के पीड़ितों को विदेशी सहायता का हस्तांतरण और फंसे हुए पाकिस्तानियों की स्वदेश वापसी, बांग्लादेश-पाकिस्तान संबंधों के सतत और प्रगतिशील विकास के लिए आवश्यक है।”
पाकिस्तान के उप-प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक दार अपने बांग्लादेशी समकक्ष के निमंत्रण पर 23 से 24 अगस्त तक बांग्लादेश की दो दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर थे। इस यात्रा के दौरान, उन्होंने दोपहर में बांग्लादेश के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस से मुलाकात की।
इस अवसर पर, बांग्लादेश और पाकिस्तान के बीच एक द्विपक्षीय समझौते और पाँच समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए।
बांग्लादेश के विदेश मामलों के सलाहकार मोहम्मद तौहीद हुसैन और पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक दार रविवार दोपहर ढाका में हुए हस्ताक्षर समारोह में उपस्थित थे।
इस समझौते में दोनों देशों के सरकारी और राजनयिक पासपोर्ट धारकों को वीज़ा से छूट का प्रावधान है। इसके अलावा, दोनों देशों ने व्यापार, सांस्कृतिक आदान-प्रदान, विदेश सेवा अकादमियों के बीच सहयोग, सरकारी समाचार एजेंसियों के बीच सहयोग और बांग्लादेश अंतर्राष्ट्रीय एवं सामरिक अध्ययन संस्थान तथा पाकिस्तान सामरिक अध्ययन संस्थान, इस्लामाबाद के बीच सहयोग पर एक संयुक्त कार्य समूह के गठन पर समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं।
इससे पहले, पाकिस्तान के वाणिज्य मंत्री जाम कमाल खान और बांग्लादेश के वाणिज्य सलाहकार एस.के. बशीर उद्दीन ने गुरुवार को ढाका में आर्थिक सहयोग, पारस्परिक निवेश संवर्धन और द्विपक्षीय व्यापार संबंधों को मजबूत करने पर गहन चर्चा की।







