सीमा ससंवाददाता जीत बहादुर चौधरी की रिपोर्ट
30/07/2025
काठमाण्डौ,नेपाल – नेपाल-भारत सीमा कार्य समूह (बीडब्ल्यूजी-सीमा कार्य समूह) की सातवीं बैठक मंगलवार को नई दिल्ली में संपन्न हुई, जिसमें सीमा क्षेत्र (दशगजा) में किए जाने वाले आवश्यक तकनीकी कार्यों हेतु त्रिवर्षीय कार्ययोजना को मंजूरी दी गई।
द्विपक्षीय बैठक न हो पाने के कारण सीमा क्षेत्र में किए जाने वाले तकनीकी कार्य पिछले छह वर्षों से रुके हुए थे।
यह बैठक सोमवार और मंगलवार को दिल्ली स्थित सुषमा स्वराज भवन में दो दिवसीय आयोजित की गई।
बीडब्ल्यूजी की बैठक का नेतृत्व नेपाल की ओर से सर्वेक्षण विभाग के महानिदेशक प्रकाश जोशी और भारत की ओर से सर्वेक्षण विभाग के प्रमुख हितेश कुमार ने किया।
बैठक में भारतीय विदेश मंत्रालय और नेपाल के विदेश मंत्रालय, सशस्त्र पुलिस बल, एसएसबी और अन्य एजेंसियों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
प्रमुख जोशी ने कहा कि त्रिवर्षीय कार्ययोजना को मंजूरी देने के बाद बैठक सौहार्दपूर्ण ढंग से संपन्न हुई।
उन्होंने कहा, “कार्ययोजना के अनुसार, इस वर्ष से क्षेत्रीय कार्य को आगे बढ़ाया जाएगा।” सर्वेक्षण अधिकारी समिति (एसओसी), जो दोनों देशों के अधिकारियों से बनी है, बीडब्ल्यूजी द्वारा लिए गए निर्णयों को जमीनी स्तर पर लागू करने के लिए ज़िम्मेदार है।
एसओसी की बैठक काठमाण्डौ में आयोजित करने और जमीनी स्तर पर कार्य को आगे बढ़ाने पर भी सहमति बनी है।
एससीओ की बैठक अगले महीने दोनों पक्षों द्वारा तय की गई तिथि पर होगी। भारतीय विदेश मंत्रालय ने भी मंगलवार को एक बयान जारी कर कहा कि दोनों पक्ष सीमा स्तंभों के निरीक्षण, रखरखाव और सुरक्षा में तेज़ी लाने पर सहमत हुए हैं।
विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि नेपाल-भारत सीमा कार्यबल की बैठक मैत्रीपूर्ण माहौल में हुई। बयान में यह भी उल्लेख किया गया कि बीडब्ल्यूजी और अन्य संबंधित तंत्रों को और अधिक प्रभावी बनाने पर सहमति बनी।
नेपाली दल के नेता जोशी ने कहा कि नेपाल-भारत सीमा क्षेत्र में सीमा स्तंभों के निरीक्षण, रखरखाव और सुरक्षा, सर्वेक्षण और मानचित्रण कार्य में तेज़ी लाई जाएगी।
बताया जा रहा है कि बैठक में तीन मुख्य मुद्दों पर चर्चा हुई: 2019 में देहरादून में आयोजित छठी बीडब्ल्यूजी और एसओसी बैठक के बाद से किए गए कार्यों की समीक्षा, आने वाले दिनों के लिए कार्य योजनाएँ और यथाशीघ्र क्षेत्र में कार्य में तेज़ी लाना।
बैठक में, दोनों पक्षों ने छह साल पहले 2019 में हुई छठी बैठक के बाद से अब तक हुए कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। दोनों पक्ष सीमा संबंधी कार्यों में नई तकनीक के इस्तेमाल पर भी सहमत हुए। दोनों पक्ष उस कार्य को आगे बढ़ाने पर भी सहमत हुए जो लंबे समय से तंत्र की बैठक न होने के कारण लंबित था।







