उप सम्पादक जीत बहादुर चौधरी की रिपोर्ट
09/10/2025
काठमाण्डौ,नेपाल – इज़राइल और हमास के बीच युद्धविराम समझौता हो गया है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मध्यस्थता में शांति योजना के पहले चरण में दोनों पक्ष युद्धविराम पर सहमत हुए हैं। इस समझौते का उद्देश्य गाजा में चल रहे युद्ध को रोकना और कैदियों की रिहाई सुनिश्चित करना है।
सुत्र के अनुसार, इज़राइल और हमास के बीच गुरुवार को मिस्र में समझौते पर हस्ताक्षर किए जाएँगे। इस समझौते के अनुसार, पहले चरण में 20 इज़राइली कैदियों को जीवित रिहा किया जाएगा। गाजा तक मानवीय सहायता पहुँचाने के लिए पाँच क्रॉसिंग तुरंत खोल दी जाएँगी।
एसोसिएटेड प्रेस (एपी) के अनुसार, हमास इस सप्ताह सभी 20 जीवित कैदियों को रिहा कर देगा। इज़राइली सेना गाजा के अधिकांश हिस्से से वापस लौट रही है।
राष्ट्रपति ट्रंप ने सोशल मीडिया पर लिखा, ‘इस समझौते के अनुसार, सभी कैदियों को जल्द ही रिहा कर दिया जाएगा और इज़राइल अपने सैनिकों को एक निश्चित सीमा तक वापस बुला लेगा, जो स्थायी और स्थायी शांति की दिशा में पहला मज़बूत कदम होगा।’ सभी पक्षों के साथ निष्पक्ष व्यवहार किया जाएगा।
इस समझौते की गारंटी अमेरिका, मिस्र, कतर और तुर्की ने दी है। कहा जा रहा है कि जब तक दोनों पक्ष समझौते की शर्तों का पालन करते रहेंगे, तब तक हमला फिर से शुरू नहीं होगा।
*ट्रंप को इज़राइली संसद को संबोधित करने का न्योता*
इस बीच, इज़राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से टेलीफोन पर बात की।
दोनों नेताओं ने सभी कैदियों की रिहाई के समझौते पर हस्ताक्षर करने की ऐतिहासिक उपलब्धि पर एक-दूसरे को बधाई दी।
उन्होंने अपना सहयोग जारी रखने पर भी सहमति जताई। प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने राष्ट्रपति ट्रंप को इज़राइली संसद (नेसेट) को संबोधित करने का न्योता दिया है।
*सभी पक्षों द्वारा समझौते की पुष्टि*
गाजा शांति समझौते के प्रारंभिक चरण की पुष्टि बुधवार देर रात इज़राइली अधिकारियों, हमास और मध्यस्थ कतर द्वारा की गई।
हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि वार्ताकार गाजा के शासन या हमास के निरस्त्रीकरण जैसे विवादास्पद मुद्दों पर किसी समझौते पर पहुँचे या नहीं।
अधिकारियों का कहना है कि इन शेष मुद्दों पर मिस्र में होने वाली आगामी वार्ता समझौते के अगले चरणों का निर्धारण करेगी।
*कतर की अहम भूमिका*
इज़राइल और हमास के बीच युद्धविराम कराने में कतर ने भी अहम भूमिका निभाई है।
अमेरिका, इज़राइल, मिस्र और कतर के वार्ताकार सोमवार से मिस्र के रिसॉर्ट शहर शर्म अल-शेख में युद्धविराम की शर्तों और बड़े पैमाने पर कैदियों की अदला-बदली को अंतिम रूप देने के लिए बैठक कर रहे हैं। इस वार्ता में अमेरिका, इज़राइल, मिस्र और कतर के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
सुत्र के अनुसार, कतर के प्रधानमंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान अल-थानी ने भी इस वार्ता में भाग लिया।
*नेतन्याहू की प्रतिक्रिया – इज़राइल के लिए एक खास दिन*
प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने इस समझौते को इज़राइल के लिए एक खास दिन बताया। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, “यह इज़राइल के लिए एक खास दिन है। कल मैं सरकार के समझौते को मंज़ूरी देने और हमारे सभी प्यारे कैदियों को घर वापस लाने के लिए एक बैठक बुलाऊँगा। मैं इज़राइली रक्षा बलों के बहादुर सैनिकों और सुरक्षाकर्मियों का आभार व्यक्त करता हूँ, जिनके साहस और बलिदान ने हमें आज इस मुकाम तक पहुँचाया है।”
उन्होंने कैदियों की रिहाई में उनके महत्वपूर्ण योगदान के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प और उनकी टीम का भी धन्यवाद किया।
उन्होंने कहा, ‘हम मिलकर अपने लक्ष्यों को प्राप्त करते रहेंगे और अपने पड़ोसियों के साथ शांति का विस्तार करते रहेंगे।’
एक अन्य पोस्ट में, नेतन्याहू ने लिखा, ‘योजना के पहले चरण की मंज़ूरी के साथ, हमारे सभी कैदियों को स्वदेश वापस लाया जाएगा। यह न केवल एक कूटनीतिक सफलता है, बल्कि इज़राइल के लिए एक राष्ट्रीय और नैतिक जीत भी है। मैंने शुरू से ही स्पष्ट कर दिया है कि जब तक हमारे सभी कैदी वापस नहीं आ जाते और हमारे सभी लक्ष्य पूरे नहीं हो जाते, हम चैन से नहीं बैठेंगे।’
7 अक्टूबर, 2023 को हमास द्वारा इज़राइल पर किए गए हमले के बाद इज़राइल ने एक सैन्य अभियान शुरू किया। इस हमले में 10 नेपाली छात्रों सहित लगभग 1,200 लोग मारे गए। हमले के बाद, हमास ने नेपाली बिपिन जोशी का अपहरण कर लिया। उनकी हालत अभी भी अज्ञात है।
कल, बिपिन का एक पुराना वीडियो सार्वजनिक किया गया। माना जा रहा है कि युद्धविराम समझौते से उनकी स्थिति का भी पता चलेगा।
हमास के हमले के बाद से इज़राइल ने गाजा पट्टी पर अपने हमले जारी रखे हैं, जिसमें लगभग एक हज़ार लोग मारे गए हैं और गाजा सहित उन क्षेत्रों को नष्ट कर दिया है जिनका इस्तेमाल हमास ने किया था।
युद्धविराम समझौते को इससे पहले शुरू हुए संघर्ष को समाप्त करने के प्रयासों में अब तक की सबसे बड़ी सफलता माना जा रहा है।







