उप सम्पादक जीत बहादुर चौधरी की रिपोर्ट
28/09/2025
काठमाण्डौ,नेपाल – पूर्व नरेश ज्ञानेंद्र शाह ने कहा है कि हमें भू-राजनीतिक चक्रव्यूह में फँसे बिना एक एकीकृत नेपाल का पुनर्निर्माण करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि राज्य व्यवस्था को नई पीढ़ी की आकांक्षाओं और इच्छाओं को अपनाना चाहिए और अब कार्यक्रम को विनाश की नहीं, बल्कि सुधार की ओर बढ़ना चाहिए।
दशईं के अवसर पर शुभकामना संदेश देते हुए, शाह ने कहा, “हमें किसी निर्भरता या भू-राजनीतिक चक्रव्यूह में फँसे बिना, और अपना रास्ता खुद तय करने की क्षमता के साथ एक एकीकृत नेपाल का पुनर्निर्माण करना है।”
उन्होंने कहा कि जनभावनाओं को ध्यान में रखते हुए, हमारी राज्य व्यवस्था और गतिशील प्रबंधन पद्धतियों में समयबद्ध सुधार करके आगे बढ़ना आवश्यक है।
उन्होंने कहा, “हमारी राज्य व्यवस्था को नई पीढ़ी की आकांक्षाओं और इच्छाओं को अपनाना होगा।
हमें विकसित हो रही आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक विशेषज्ञता को अपनाना होगा।”
उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी में निहित देशभक्ति की भावना, ऊर्जा और नवीन सोच ही राष्ट्र को सशक्त, समृद्ध और आत्मनिर्भर बनाने के मार्ग पर ले जाएगी।
पूर्व राजा शाह ने कहा, “यह समय की माँग है, आइए हम अपने देश के आईने में अपना चेहरा देखें। हमारा राजनीतिक कार्य विनाश, विनाश और दहन पर केंद्रित रहा है। अब हमारे कार्यक्रम विनाश की ओर नहीं, बल्कि सुधार की ओर अग्रसर होने चाहिए।”







