अर्चना पाण्डेय की रिपोर्ट
गोरखपुर एम्स,बीआरडी मेडिकल कॉलेज गोरखपुर व इंडियन सोसायटी ऑफ क्रिटिकल केयर मेडिसिन (ISCCM) गोरखपुर चैप्टर द्वारा आयोजित प्रतिष्ठित क्रिटिकॉन 2025 सम्मेलन गोरखपुर में 3 से 5 अक्टूबर 2025 तक कोर्टयार्ड बाय मैरियट में होने जा रहा है, जो पूर्वांचल के चिकित्सा जगत में एक अभूतपूर्व क्षण है । “प्रॉब्लम स्पेसिफिक प्रसाइज सॉल्यूशन” की केंद्रीय थीम के साथ, यह राज्य-स्तरीय सम्मेलन न केवल क्रिटिकल केयर मेडिसिन के क्षेत्र में ज्ञान के आदान-प्रदान का एक विशाल मंच होगा, बल्कि यह पूर्वांचल के इतिहास में पहली बार इतने बड़े पैमाने पर एक साथ 20 से अधिक देशों के अंतर्राष्ट्रीय विशेषज्ञ और भारत के शीर्ष क्रिटिकल केयर दिग्गज एक छत के नीचे लाने का गौरवशाली क्षण भी है ।
गोरखपुर क्रिटिकल केयर सोसाइटी की अनूठी पहल:
इस ऐतिहासिक सम्मेलन के माध्यम से गोरखपुर क्रिटिकल केयर सोसाइटी ने एक असाधारण पहल की है, जिसके तहत पूर्वांचल के चिकित्सकों, नर्सों और पैरामेडिकल स्टाफ को वैश्विक स्तर की क्रिटिकल केयर विशेषज्ञता से रूबरू कराया जा रहा है। इसका उद्देश्य क्षेत्र में क्रिटिकल केयर के मानकों को ऊपर उठाना और गंभीर रूप से बीमार रोगियों के लिए अत्याधुनिक और प्रभावी उपचार सुनिश्चित करना है। यह प्रयास न केवल स्थानीय स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं के कौशल को निखारेगा, बल्कि क्षेत्रीय स्वास्थ्य प्रणाली को भी एक नई दिशा प्रदान करेगा।
इस महत्वपूर्ण आयोजन के सचिव, डॉ. ए.के. मल्ल,डॉ महिम मित्तल ,डॉ संदीप शर्मा एम्स ,डॉ आदित्य लाम्बा ने इस पहल के महत्व पर जोर देते हुए कहा, “क्रिटिकॉन 2025 पूर्वांचल के लिए एक मील का पत्थर है। हमारा लक्ष्य क्रिटिकल केयर में वैश्विक सर्वोत्तम प्रथाओं को स्थानीय संदर्भ में ढालना और समस्या-विशिष्ट, सटीक समाधानों पर ध्यान केंद्रित करना है। इतने बड़े पैमाने पर अंतर्राष्ट्रीय और राष्ट्रीय विशेषज्ञों की उपस्थिति हमें क्षेत्र की चुनौतियों का सामना करने के लिए नए दृष्टिकोण और अत्याधुनिक तकनीकें प्रदान करेगी, जिससे हमारे मरीजों को बेहतर परिणाम मिल सकेंगे। यह हमारे क्षेत्र में क्रिटिकल केयर सेवाओं के विकास में एक नई क्रांति लाएगा।”
सम्मेलन की मुख्य विशेषताएं और महत्व:
अंतर्राष्ट्रीय विशेषज्ञों के साथ सीधा संवाद: अमेरिका, यूके, पुर्तगाल, बांग्लादेश, श्रीलंका, सऊदी अरब और अन्य सहित 20 से अधिक देशों के लगभग 200 आमंत्रित संकाय सदस्य, जैसे डॉ. अब्बास खोसरावी, डॉ. क्रेग कॉपरस्मिथ, डॉ. जे.एल. टेबुल, और डॉ. यतिन मेहता, अपने मूल्यवान अनुभव और अंतर्दृष्टि साझा करेंगे ।
व्यावहारिक कौशल विकास पर जोर: “हैंड्स ऑन इन आईसीयू” सत्र, मेगा कोड और अन्य सिमुलेशन के माध्यम से प्रतिभागियों को गहन चिकित्सा इकाई में व्यावहारिक प्रशिक्षण प्राप्त होगा, जिसमें हेमोडायनामिक मॉनिटरिंग, मैकेनिकल वेंटिलेशन और अल्ट्रासोनोग्राफी इन क्रिटिकल केयर (POCUS) जैसे महत्वपूर्ण विषय शामिल हैं ।
समस्या-विशिष्ट समाधान पर केंद्रित वैज्ञानिक सत्र: सम्मेलन का मुख्य विषय “प्रॉब्लम स्पेसिफिक प्रसाइज सॉल्यूशन” है, जो क्रिटिकल केयर में आने वाली विशिष्ट चुनौतियों पर केंद्रित चर्चा और उनके समाधानों पर जोर देगा, जिससे चिकित्सकों को सीधे लागू होने वाले व्यावहारिक ज्ञान मिलेगा ।
पोस्ट ग्रेजुएट छात्रों के लिए विशेष अवसर: पीजी छात्रों के लिए आवासीय पैकेज और क्रिटिकल केयर इंट्रोडक्शन स्टेशन जैसे विशेष प्रावधान किए गए हैं, जो उन्हें विशेषज्ञों के साथ जुड़ने और अपने कौशल को बढ़ाने का एक अनूठा अवसर प्रदान करेगा ।
ज्ञान और नवाचार का संवर्धन: लाइव फीडबैक सत्र और अवार्ड पेपर के लिए एक्सटेम्पोर सेशन जैसे पहलें प्रतिभागियों को अपने ज्ञान को साझा करने और क्रिटिकल केयर में नवाचार को बढ़ावा देने के लिए प्रेरित करेंगी ।
क्रिटिकॉन 2025 न केवल गोरखपुर बल्कि पूरे पूर्वांचल के लिए क्रिटिकल केयर के क्षेत्र में एक नए युग की शुरुआत का प्रतीक है, जहाँ गुणवत्तापूर्ण और नवीनतम चिकित्सा पद्धतियों तक पहुंच सुनिश्चित करने का मार्ग प्रशस्त होगा







