उप सम्पादक जीत बहादुर चौधरी की रिपोर्ट
23/10/2025
काठमाण्डौ,नेपाल – भारत और अमेरिका के बीच जल्द ही व्यापार समझौते की संभावना बढ़ गई है।
एक रिपोर्ट के अनुसार, चुनिंदा भारतीय वस्तुओं पर 50 प्रतिशत सीमा शुल्क को घटाकर 15 प्रतिशत किया जा सकता है।
व्यापार समझौते से जुड़े सूत्रों के अनुसार, ऊर्जा और कृषि क्षेत्र बातचीत की मेज पर सबसे महत्वपूर्ण हैं। भारत इन क्षेत्रों में कुछ रियायतें दे सकता है।
अमेरिकी वार्ताकारों के अनुसार, भारत धीरे-धीरे रूसी कच्चे तेल की अपनी खरीद कम कर सकता है। इसके अलावा, वह अमेरिका से गैर-जीएम (गैर-आनुवंशिक रूप से संशोधित) मक्का और सोयाबीन के लिए बाजार खोल सकता है।
भारत को विश्वास है कि तेजी से बढ़ते घरेलू पोल्ट्री, डेयरी और इथेनॉल उद्योगों में अमेरिकी उत्पादों की खपत होगी और इससे भारतीय किसानों के हितों पर कोई असर नहीं पड़ेगा। वर्तमान में, भारत अमेरिका से सालाना लगभग 5,00,000 टन मक्का आयात करता है।
*अमेरिका भारत को पनीर बेचना चाहता है*
रिपोर्ट के अनुसार, भारत ने अमेरिकी पक्ष को स्पष्ट रूप से बता दिया है कि वह गैर-जीएम मक्के पर मौजूदा 15 प्रतिशत शुल्क कम नहीं करेगा।
अमेरिका भारत में प्रीमियम पनीर के प्रवेश पर भी ज़ोर दे रहा है, लेकिन भारत अभी तक इसके लिए तैयार नहीं है।
ट्रम्प ने अप्रैल में भारत पर 25% और रूस से आने वाले कच्चे तेल पर भी 25% शुल्क लगाया था, जिससे कुल शुल्क 50% हो गया।







