उप सम्पादक जीत बहादुर चौधरी की रिपोर्ट
24/09/2025
काठमाण्डौ,नेपाल — नवलपरासी जिला के केला किसानों ने विरोध प्रदर्शन की घोषणा करते हुए कहा है कि भारतीय केलों के आयात के कारण नेपाली केलों को बाज़ार नहीं मिल रहा है।
नवलपरासी जिला के केला उत्पादक संघ ने आज एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर चेतावनी दी है कि वे भारतीय केले ले जाने वाले वाहनों पर नियंत्रण करके कार्रवाई करेंगे।
संघ के अध्यक्ष लख्ख प्रसाद यादव द्वारा जारी बयान में कहा गया है, “भारतीय केलों से प्रतिस्पर्धा न कर पाने के कारण नेपाली उपज खेतों में सड़ रही है।
चूँकि स्थानीय उपज अब बाज़ार की माँग को पूरा कर सकती है, इसलिए सरकार को भारतीय केलों का आयात बंद कर देना चाहिए।”
बयान के अनुसार, किसान इस मुद्दे पर ज़िला प्रशासन कार्यालय, ज़िला समन्वय समिति और अन्य निकायों को पहले ही ज्ञापन दे चुके हैं, लेकिन उन्होंने शिकायत की है कि कोई सुनवाई नहीं हुई है।
नेपाल केला उत्पादक संघ ने यह भी कहा कि आयात बंद नहीं किया गया है, हालाँकि उसने व्यापारियों से 22 सितम्बर के बाद भारतीय केलों का आयात न करने का विशेष अनुरोध किया है।
संघ ने घोषणा की है कि वह 22 सितम्बर से चरणबद्ध विरोध प्रदर्शन शुरू करेगा।
किसानों ने चेतावनी दी है कि विरोध प्रदर्शन के दौरान भारतीय नंबर प्लेट वाले केले ले जाने वाले किसी भी वाहन को अपने नियंत्रण में लेकर वे आवश्यक कार्रवाई करने को बाध्य होंगे।
बयान में कहा गया है कि विरोध प्रदर्शन के कारण होने वाले किसी भी नुकसान की ज़िम्मेदारी नेपाल सरकार को लेनी चाहिए और संघ कोई ज़िम्मेदारी नहीं लेगा।
अपनी समस्याओं के समाधान के लिए विरोध प्रदर्शन करने को मजबूर होने की बात कहते हुए, संघ ने सभी राजनीतिक दलों, नेपाली पत्रकार संघ, नागरिक समाज और अन्य हितधारकों से विरोध प्रदर्शन का समर्थन करने की अपील की है।







