सीमा संवाददाता जीत बहादुर चौधरी की रिपोर्ट
28/07/2025
जनकपुर धाम – मादक पदार्थों का ‘संक्रमण क्षेत्र’ बनते जा रहे मधेश प्रांत में पुलिस ने मादक पदार्थों का सेवन करने वालों और कारोबारियों के खिलाफ अभियान शुरू किया है।
पुलिस की जाँच से पता चला है कि मधेश प्रांत के सभी आठ जिले भारतीय सीमा से जुड़े होने के कारण, इस सीमा बिंदु से काठमाण्डौ तक मादक पदार्थों की तस्करी हो रही है।
सीमा पर भारतीय बाज़ार तक आसान पहुँच और मादक पदार्थों की खुलेआम बिक्री के कारण मधेश प्रांत में नशे की लत की दर बहुत ज़्यादा है।
जनकपुर स्थित मधेश प्रांत पुलिस कार्यालय के अनुसार, एक साल में लगभग 23 करोड़ रुपये मूल्य के मादक पदार्थ ज़ब्त किए गए हैं। इनमें से बड़ी मात्रा में गांजा, हशीश, ब्राउन शुगर और अफीम ज़ब्त की गई है।
एक साल में 15,442 किलोग्राम गांजा ज़ब्त किया गया है, जिसकी कीमत 18.6 करोड़ रुपये है।
इसी तरह, 508 किलोग्राम हशीश ज़ब्त की गई है, जिसकी कीमत 1.1 करोड़ रुपये है। 15 लाख रुपये मूल्य की 3 किलो 200 ग्राम ब्राउन शुगर और 25 लाख रुपये मूल्य की 46 किलो अफीम भी जब्त की गई है। इसके अलावा, 16.7 करोड़ रुपये मूल्य की 375,736 नशीली गोलियाँ, इंजेक्शन और बोतलें जब्त की गई हैं।
मधेश प्रांत पुलिस कार्यालय के प्रमुख, डीआईजी उमा प्रसाद चतुर्बेदी ने कहा, “मधेश प्रांत में मादक पदार्थों का एक बड़ा नेटवर्क था।
पुलिस ने अभियान चलाकर सभी आठ जिलों में कानून-व्यवस्था कड़ी कर दी है। बड़ी संख्या में तस्करों को गिरफ्तार किया गया है और मादक पदार्थ जब्त किए गए हैं।”
उनके अनुसार, पिछले वर्ष नशीली दवाओं से संबंधित 584 मामले दर्ज किए गए, जिनमें से 522 खारिज कर दिए गए।
पुलिस के आंकड़ों के अनुसार, मधेश प्रांत में आर्थिक अपराध, आत्महत्या, मादक पदार्थ और सड़क दुर्घटनाएँ बढ़ रही हैं।
डीआईजी चतुर्बेदी ने कहा, “नशीले पदार्थों की तस्करी, दुरुपयोग और परिवहन का एक बड़ा नेटवर्क पकड़ा गया है।” ऐसा प्रतीत होता है कि मधेश के सीमावर्ती क्षेत्रों से काठमांडू और अन्य क्षेत्रों से नशीले पदार्थों का आयात-निर्यात किया जा रहा है।’
उन्होंने कहा कि नशीले पदार्थों पर नियंत्रण और आत्महत्याओं को रोकने के लिए सभी स्तरों पर सहयोग आवश्यक है।
मधेश प्रांत पुलिस कार्यालय के अनुसार, पिछले वर्ष मधेश प्रांत में 1,253 लोगों ने आत्महत्या की है। इनमें से 215 की डूबने से, 138 की बिजली लगने से और 19 की आग में जलने से मृत्यु हुई है।
पुलिस ने मधेश प्रांत में 16 छोटे और 19 बड़े हथियार ज़ब्त किए हैं। डीआईजी चुर्तुबेदी के अनुसार, मधेश प्रांत में तस्करी और राजस्व चोरी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई है। उन्होंने कहा, “तस्करी और राजस्व चोरी पहले जैसी नहीं रही, लेकिन इन पर अपेक्षा के अनुरूप नियंत्रण नहीं हो पाया है। इसके लिए सभी सहयोगी एजेंसियों को एक साथ आकर एक संयुक्त रणनीति बनाकर काम करना चाहिए।”
नेपाल पुलिस ने पिछले एक साल में मधेश प्रांत से 1 अरब 35 करोड़ 97 लाख 27 हजार रुपये मूल्य का सीमा शुल्क चोरी का सामान जब्त किया है।







