उप सम्पादक जीत बहादुर चौधरी की रिपोर्ट
03/12/2025
काठमाण्डौ,नेपाल —13वें नेपाल ह्यूमन राइट्स इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में 26 देशों की करीब 50 फिल्में दिखाई जाएंगी।
नेपाल ह्यूमन राइट्स फिल्म सेंटर का यह फेस्टिवल काठमाण्डौ के दिसम्बर 11 से 5 दिनों तक चलेगा।
सेंटर के चेयरमैन पांडव खत्री ने बताया कि इस साल फेस्टिवल ने ‘चाइल्ड राइट्स’ को अपनी मेन थीम बनाया है।
उन्होंने बताया कि फिल्में नेपाल टूरिज्म बोर्ड और फिल्म डेवलपमेंट बोर्ड के हॉल में दिखाई जाएंगी।
फेस्टिवल के लिए चुनी गई ज़्यादातर फिल्में पहले ही कान्स, बर्लिनेल, वेनिस और बुसान जैसे जाने-माने इंटरनेशनल फेस्टिवल में हिस्सा ले चुकी हैं।
2025 कान्स फिल्म फेस्टिवल में पाल्मे डी’ओर (शॉर्ट फिल्म) विनर, ‘आई एम ग्लैड यू आर डेड नाउ’, फेस्टिवल का मेन अट्रैक्शन है। फ़िलिस्तीन, फ़्रांस और ग्रीस के को-प्रोडक्शन में बनी यह फ़िल्म बचपन के राज़ और ट्रॉमा को लेकर दो भाइयों के बीच गहरे तनाव को दिखाती है। ‘नेवल लिली’, जिसका प्रीमियर कान्स में हुआ था, फ़ेस्टिवल का एक और आकर्षण है।
यह दिखाती है कि चीन के युन्नान प्रांत में एक अचानक हुई घटना 9 साल की लिली की आम ज़िंदगी को कितना नुकसान पहुँचाती है।
फ़ेस्टिवल में लोकल भाषा में बनी पहली फ़ीचर फ़िल्म ‘अज़ूर’ भी दिखाई जाएगी। यह सलोनी के किरदार के ज़रिए शिक्षा के महत्व को दिखाती है, जो ग्रामीण बिहार में सामाजिक रुकावटों के बावजूद स्कूल जाने का पक्का इरादा रखती है।
फ़ीचर डॉक्यूमेंट्री सेक्शन में ‘रेड लाइट टू लाइमलाइट’ और ‘शट द वॉइस ऑफ़ फ़्रीडम’ जैसी दुनिया भर में मशहूर डॉक्यूमेंट्रीज़ दिखाई जाएँगी।
‘रेड लाइट टू लाइमलाइट’ कोलकाता में सेक्स वर्कर्स की रोज़मर्रा की ज़िंदगी को दिखाती है। यह इन सेक्स वर्कर्स के बच्चों में फ़िल्ममेकिंग की ट्रेनिंग से आई उम्मीद और बदलाव को दिखाती है। फ़िल्म को 41वें IDA अवॉर्ड्स में दो कैटेगरी में नॉमिनेट किया गया था।
नेपाल ह्यूमन राइट्स फिल्म सेंटर के जनरल सेक्रेटरी अवस रिजाल ने कहा कि फेस्टिवल के दौरान, दुनिया भर के फिल्म डायरेक्टर, प्रोड्यूसर, आर्टिस्ट और ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट की मौजूदगी में इंटरैक्टिव पैनल डिस्कशन, मास्टर क्लास, फोटो एग्जीबिशन, लाइव पेंटिंग और दूसरे प्रोग्राम ऑर्गनाइज़ किए जाएंगे।







