भारत में इस्तेमाल होने वाले हर स्मार्टफोन पर सरकारी साइबर सिक्योरिटी ऐप ज़रूरी

 

उप सम्पादक जीत बहादुर चौधरी की रिपोर्ट
02/12/2025

काठमाण्डौ,नेपाल — भारत सरकार ने फोन बनाने वालों को सभी नए स्मार्टफोन में सरकारी साइबर सिक्योरिटी ऐप ‘संचार साथी’ पहले से इंस्टॉल करने का आदेश दिया है।

रॉयटर्स की खबर के मुताबिक, यह ऐप अब भारत में बिकने वाले हर नए मोबाइल पर ज़रूरी होगा। साथ ही, इस ऐप को ऐसे इंस्टॉल करना होगा कि यूज़र इसे हटा न सकें।

भारत दुनिया का सबसे तेज़ी से बढ़ने वाला मोबाइल मार्केट है। इस फैसले से 1.2 बिलियन से ज़्यादा मोबाइल यूज़र वाले देश में सैकड़ों बनाने वालों और लाखों कंज्यूमर पर सीधा असर पड़ने की उम्मीद है।

इसे भारत में साइबर सिक्योरिटी पर सरकार का एक बड़ा कदम बताया जा रहा है, जहाँ हर साल लगभग 160 मिलियन नए स्मार्टफोन इंपोर्ट या बनाए जाते हैं।

भारत के कम्युनिकेशन मंत्रालय ने Apple, Samsung, Vivo, Oppo से लेकर Xiaomi तक के स्मार्टफोन बनाने वालों को 90 दिनों के अंदर इस फैसले को लागू करने का निर्देश दिया है।

रॉयटर्स ने बताया कि ‘संचार साथी’ ऐप को मार्केट में मौजूद फोन या वेयरहाउस में मौजूद मॉडल पर सिस्टम अपडेट के ज़रिए इंस्टॉल करने के लिए कहा गया है।

संचार साथी को इस साल जनवरी में लॉन्च किया गया था। यह ऐप यूज़र्स को खोए या चोरी हुए मोबाइल फ़ोन को ट्रैक या ब्लॉक करने में मदद करता है।

सरकार के मुताबिक, इस ऐप ने 700,000 से ज़्यादा खोए हुए मोबाइल फ़ोन ढूंढने में मदद की है। अकेले अक्टूबर में, 50,000 खोए हुए मोबाइल फ़ोन वापस किए गए।

भारत सरकार के अधिकारियों ने इस ऐप को देश भर में साइबर फ्रॉड, IMEI के गलत इस्तेमाल और दूसरे साइबर गलत इस्तेमाल को रोकने के लिए एक स्ट्रेटेजिक कदम बताया है। जब संचार साथी के ज़रिए IMEI ब्लॉक हो जाता है, तो चोरी हुए या खोए हुए मोबाइल फ़ोन नेटवर्क को एक्सेस नहीं कर पाएंगे।

सरकार इसे कंज्यूमर्स के लिए एक फायदेमंद सुरक्षा उपाय बता रही है, लेकिन आलोचकों ने चिंता जताई है कि यह व्यक्तिगत अधिकारों और यूज़र की सहमति की सीमाओं को कम करना चाहता है।

टेलीकॉम एनालिस्ट का कहना है कि यह ऑर्डर Apple के लिए खास तौर पर मुश्किल होगा।

रॉयटर्स के मुताबिक, जून 2025 तक भारत में स्मार्टफोन में Apple का मार्केट शेयर सिर्फ़ 4.5 परसेंट था।

लेकिन उन्होंने बताया है कि लेटेस्ट निर्देश एक समस्या खड़ी कर सकता है, क्योंकि Apple ने पारंपरिक रूप से फ़ोन बेचने से पहले थर्ड-पार्टी ऐप्स को प्री-इंस्टॉल करना ज़रूरी नहीं किया है।

भारत में, 90 दिनों के अंदर लॉन्च होने वाले हर नए फ़ोन में अब एक ‘कम्युनिकेशन साथी’ होगा। यह प्राइवेट कंपनियों, कंज्यूमर्स और सरकार के बीच डिजिटल पावर बैलेंस में बदलाव का संकेत है। मोबाइल फ़ोन पर सरकार के कंट्रोल वाले ऐप्स को ज़रूरी बनाने का ट्रेंड सिर्फ़ भारत तक ही सीमित नहीं है। रूस ने अगस्त 2025 में सभी फ़ोन में अपना सरकारी मैसेजिंग ऐप प्री-लोड करने का ऑर्डर दिया है।

ऐसी खबरें हैं कि साइबर क्राइम और डिजिटल फ्रॉड बढ़ने पर कुछ दूसरे देश भी ऐसी ही स्ट्रेटेजी लागू करने की योजना बना रहे हैं।

Please Share this News
  • Ramchandra Rawat

    चीप एडिटर - इंडिया न्यूज़ जक्शन

    सम्बंधित ख़बर

    पत्रकार सत्यम मिश्रा के हमलावरों की तत्काल हो गिरफ्तारी – सेराज अहमद कुरैशी

      गोंडा, उत्तर प्रदेश। इंडियन जर्नलिस्ट एसोसिएशन ® के राष्ट्रीय अध्यक्ष सेराज अहमद कुरैशी ने पत्रकार सत्यम मिश्रा पर हुए हमले की कड़ी शब्दों निंदा करते हुए कहा कि पत्रकारों…

    Please Share this News

    सीरतुन्नबी कॉम्पिटिशन सीजन-2 की विजेता बनीं नगमा खातून, जीता फ्री उमराह पैकेज व ट्राफी

      सीरतुन्नबी, कुरआन और साइंस के तालमेल पर हुआ विशेष व्याख्यान। कलमा शरीफ पढ़ने की मुहिम भी शुरू, दो करोड़ 39 लाख 58 हजार 838 दुरूद शरीफ पेश की। सेराज…

    Please Share this News

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *