मड़ार विन्दवलिया में बुखार की दहशत, मासूमों सहित व्यस्क भी आ रहे चपेट में

 

– घर-घर बिछी चारपाई, मरीजों में ये लक्षण आ रहे सामने

– गांव में गंदगी का अंबार, नहीं कराई गई नालियों तथा सड़कों की सफाई व फाॅगिंग

कुशीनगर

कुशीनगर जनपद के ग्रामसभा मड़ार विन्दवलिया में बुखार का कहर तेजी के साथ बढ़ रहा है। कोटवा स्थित सरकारी अस्पताल में लगातार मरीजों की संख्या बढ़ रही है। पिछले 24 घंटे में जिला अस्पताल पहुंची छह माह की मासूम सहित तीन मरीजों की बुखार के चलते हालत गंभीर है। वहीं, छह मरीजों को गंभीर हालत में मेडिकल कॉलेज गोरखपुर के लिए रेफर किया गया। गौरतलब हो कुशीनगर जिले के ग्रामसभा मड़ार विन्दवलिया में बुखार के चलते ग्रामीण दहशत में हैं। गांव में करीब 100 से अधिक लोग बीमार हैं।

सरकारी अस्पताल कोटवां में सोमवार को सुबह से ही मरीजों की भीड़ रही। अस्पताल की ओपीडी में सर्वाधिक मरीज फिजीशियन और बाल रोग विशेषज्ञ कक्ष में पहुंचे। ग्राम सभा मड़ार विन्दवलिया निवासी असरफी (50) को बुखार आने पर सोमवार की शाम जिला अस्पताल कुशीनगर में भर्ती कराया गया था। यहां देर रात उपचार के दौरान मरीज की हालत विगड़ने पर उस वी आर डी मेडिकल कालेज, गोरखपुर रेफर कर दिया गया।

ग्राम सभा के ही भूड़ा मड़ार निवासी सोनम (9 माह) पुत्री अखिलेश को दो दिन पहले बुखार आया। परिजन ने एक मेडिकल स्टोर से लेकर दवा खिला दी। आराम न मिलने पर सोमवार की सुबह परिजन उसे लेकर जिला अस्पताल पहुंचे यहां डॉक्टर ने जांच के बाद उसे मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। मरीज की हालत गंभीर बनी हुई है।

मड़ार विन्दवलिया गांव के टोला दुसाधी पट्टी निवासी केवल (63) को दो दिन से बुखार आ रहा था। परिजन उनका एक झोलाछाप डॉक्टर से उपचार करा रहे थे। हालत बिगड़ने पर परिजन उन्हें सोमवार की रात जिला अस्पताल लेकर पहुंचे यहां डॉक्टर ने उन्हें गंभीर अवस्था में जिला अस्पताल रेफर कर दिया।

इस संदर्भ में सीएमएस कुशीनगर का कहना था कि मड़ार विन्दवलिया निवासी केवल को गंभीर हालत में ही भर्ती कराया गया था। वहीं, अन्य मरीजों की अस्पताल पहुंचने से पहले ही स्थिति बेहद गंभीर बनी रहती है । परिजनों के अनुसार वे सभी बुखार से पीड़ित थे।

बुखार की चपेट में बरवां, रायपुर, भूड़ा मड़ार, बरई पट्टी, छावनी टोला, कुट्टी टोला, श्रीनगर, बड़वा टोला आदि के ग्रामीण रहस्यमयी बुखार से परेशान है।

घर-घर मरीज
कोटवा विकासखंड क्षेत्र के गांव मड़ार विन्दवलिया में वायरल बुखार कहर बनकर लोगों को चपेट में ले चुका है। करीब 100 से अधिक लोग बीमार हैं। निजी पैथोलॉजी लैब के संचालक अपनी जांच में डेंगू और मलेरिया की पुष्टि कर रहे हैं। वहीं, स्वास्थ्य विभाग वायरल फीवर की बात कह रहा है। गांव के सभी टोलों में दहशत का माहौल है। अगर स्वास्थ्य विभाग इसी तरह बेखबर रहा तो इस रहस्यमयी बुखार की वजह से कई लोगों की मौत हो सकती है। कई दिनों से गांव – गांव में झोलाछाप डाक्टरों ने डेरा डाल रखा है। मगर, मरीजों को राहत नहीं मिल पा रही है। कई मरीजों को परिजनों ने गोरखपुर, महराजगंज, कुशीनगर के प्राइवेट अस्पतालों में भी भर्ती कराना पड़ा है।

विकास खंड कोटवा क्षेत्र का गांव मड़ार विन्दवलिया की आबादी करीब दस हजार से अधिक है। यहां के लोग बुखार के साथ खांसी, जुकाम आदि से पीड़ित हैं। गांवों में घर-घर चारपाई बिछी हुई हैं। पिछले 8 अगस्त को बुखार के कारण गांव की लाजवन्ती देवी की गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कालेज में इलाज चल रहा है। पिछले दस दिनों से गांव में बुखार पीड़ितों को राहत के नाम पर कोई सरकारी सुविधा नहीं मिला है। गांव में झोलाछाप डाक्टरों ने मोर्चा संभाल रखा है। गांव में ही मरीजों को उपचार दिया जा रहा है।

नहीं मिल रहा आराम

मरीजों को आराम नहीं मिल रहा है। इसकी वजह से अधिकतर मरीज कुशीनगर, महराजगंज, गोरखपुर और लखनऊ आदि शहरों के अस्पतालों में भर्ती हैं। गांव में सोनू, रवीन्द्र, टुन्ना, मन्नान खान, जुम्मन,पूनम ,शौकत मियां, हवलदार, विग्गन, रोशन, हीरा सरिता, रचना, आशा देवी, अशोक, दीलीप जैसे सैकड़ों मरीज बुखार की चपेट में हैं। ग्रामीणों का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग के पास जाने पर जबाब मिलता है कि पर्याप्त स्टाफ नहीं है। सरकारी अस्पताल में दवाइयों के नाम पर खाना पूर्ति हो रही है। ग्रामीणों में स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ रोष व्याप्त है।

मरीजों का हाल जानने नहीं पहुंचा कोई जिम्मेदार अधिकारी

ग्रामसभा मड़ार विन्दवलिया में अधिकांशतः घरों में बुखार के मरीज है। लेकिन बुखार के मरीजों की स्थिति की जांच करने कोई भी उच्चाधिकारी अभी तक नहीं पहुंचा है।

गांव में गंदगी का अंबार, नहीं कराई गई नालियों तथा सड़कों की सफाई व फाॅगिंग

ग्रामीणों का कहना है कि गांव में पिछले कई महिनों में सफाई कर्मी सफाई करने नहीं पहुंचा है। गांव की नालियों में गंदगी भरी पड़ी है। साथ ही गलियों में कीचड़ भरा रहता है। सड़कों के किनारे घास और खरपतवार तथा खुले में शौच की समस्या के वजह से गांव में संक्रामक बीमारियां फैल रही हैं। इसके बाद भी ग्राम पंचायत स्तर से साफ-सफाई पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। अभी तक नालियों, गलियों और सड़कों की सफाई नहीं कराई गई है और ना ही फाॅगिंग कराई गई है। ग्रामीणों का कहना है कि ग्राम प्रधान या कोई भी जन प्रतिनिधि उनकी समस्या की तरफ ध्यान नहीं दे रहे हैं।

मड़ार विन्दवलिया के टोला बरवा में स्थित आयुर्वेदिक अस्पताल के फार्मासिस्ट गंगा शुक्ला ने बताया कि गांव में बुखार पीड़ितों की स्थिति नियंत्रण में है। स्वास्थ्य विभाग गांव में घूमकर मरीजों को उपचार दे रहा है। शासन से प्राप्त निर्देशों के मुताबिक हमारा प्रयास है कि बुखार पीड़ितों के उपचार में किसी प्रकार की लापरवाही न हो। जांच के लिए हम गांव – गांव लोगों से मिलकर उपचार कर रहे हैं। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है लोग अफवाहों से बचें। लोगों को साफ-सफाई और बीमारियों से बचाव के लिए प्रेरित किया गया है, गांव के लोग वायरल बुखार की चपेट में हैं।

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  • Ramchandra Rawat

    चीप एडिटर - इंडिया न्यूज़ जक्शन

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