उप सम्पादक जीत बहादुर चौधरी की रिपोर्ट
25/11/2025
काठमाण्डौ,नेपाल – रामनगरी अयोध्या एक बार फिर ऐसे पलों का साक्षी बनने जा रही है, जिन्हें आने वाली पीढ़ियां श्रद्धा और गर्व के साथ याद करेंगी।
आज 25 नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राम मंदिर के शिखर पर पवित्र भगवा ध्वज फहराएंगे।
इस महा-आयोजन से पहले शहर को दिव्यता और भव्यता के संगम से सजाया गया है।
एयरपोर्ट से लेकर साकेत महाविद्यालय तक पीएम का हेलीकॉप्टर लैंड करेगा और वहां से श्रीराम जन्मभूमि तक का भव्य रोड शो पूरे वातावरण को उत्साह और आध्यात्मिक ऊर्जा से भर देगा।
प्रधानमंत्री का रोड शो मार्ग आठ जोन में विभाजित किया गया है, जिसमें स्वयं सहायता समूह की हजारों महिलाएं पारंपरिक वेश-भूषा में थालियां, आरती, फूल-मालाएं और नमस्कार मुद्रा के साथ देश के प्रधानमंत्री का स्वागत करेंगी।
प्रत्येक जोन के लिए अलग-अलग समाजों और संस्थाओं की महिलाओं को जिम्मेदारी दी गई है। कहीं 150 महिलाओं की टोली तैयार खड़ी होगी, तो कहीं 1,500 महिलाओं का समूह परंपरागत अंदाज में अभिनंदन करेगा।
प्रशासन ने सभी जोनों का नेतृत्व डीडीओ, डीआईओएस, बीएसए, डीपीओ और डीपीआरओ जैसे वरिष्ठ अधिकारियों को सौंपा है, जो लगातार रिहर्सल और तैयारियों की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। पूरे मार्ग पर रंग-बिरंगे तोरणद्वार, फूलों की मालाएं और अलौकिक सजावट रामनगरी को उत्सव के स्वर्णिम रंगों से आच्छादित कर रही है।
ध्वजारोहण कार्यक्रम के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था अभेद्य बना दी गई है। प्रधानमंत्री के काफिले के साथ सीएम योगी का स्कॉर्ट भी अयोध्या पहुंच चुका है।
एसपीजी, एटीएस, एसटीएफ, स्वाट कमांडो, पैरामिलिट्री फोर्स और खुफिया एजेंसियां 15 किलोमीटर के दायरे में तैनात हैं।
प्रधानमंत्री के हेलीकॉप्टर के साकेत कॉलेज ग्राउंड में उतरने से लेकर रामपथ और टेढ़ी बाजार होते हुए मंदिर परिसर तक जाने के रूट पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। रविवार को भारतीय सेना का हेलीकॉप्टर लगभग 20 मिनट तक आसमान में घूमता रहा और पूरे इलाके का सुरक्षा सर्वेक्षण किया।
प्रधानमंत्री के स्वागत की तैयारियों में भाजपा का संपर्क अभियान भी पूरी गति से चल रहा है। वैदिक मंत्रोच्चारण, शंखनाद, घंटियों की ध्वनि और परंपरागत स्वागत से पूरा माहौल आध्यात्मिक स्पंदन से भरा रहेगा। विधायक वेद प्रकाश गुप्ता और महानगर अध्यक्ष कमलेश श्रीवास्तव ने विभिन्न मंदिरों के महंतों से मुलाकात कर उन्हें प्रधानमंत्री के अभिनंदन के लिए आमंत्रित किया है। व्यापारियों, संतों और स्थानीय लोगों से भी लगातार संवाद स्थापित किया जा रहा है।
रोड शो के दौरान अलग-अलग स्थानों पर भव्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियां आयोजित की जाएंगी। कहीं मथुरा के उमाशंकर देसला का मयूर नृत्य मंत्रमुग्ध करेगा, तो कहीं सोनभद्र का करमा नृत्य दर्शकों को लोक संस्कृति की गहराई में ले जाएगा। झांसी का राई नृत्य, लखनऊ का अवधी नृत्य, प्रयागराज का देढ़िया, अयोध्या की सुमन यादव का बधावा नृत्य — यह सब मिलकर अयोध्या को सांस्कृतिक विविधता के अद्भुत रंगों से सराबोर कर देंगे। विभिन्न जोनों में महिलाओं द्वारा नमस्कार मुद्रा का प्रदर्शन वातावरण को और पवित्र बनाएगा।
इस ऐतिहासिक आयोजन को विश्व भर तक पहुंचाने की भी विशेष व्यवस्था की गई है। राम मंदिर परिसर में होने वाली हर गतिविधि का लाइव प्रसारण किया जाएगा। सूचना विभाग 50 से अधिक स्थानों पर एलईडी वॉल और एलईडी वैन स्थापित कर रहा है, ताकि हर भक्त इस पावन क्षण को प्रत्यक्ष न सही, पर डिजिटल माध्यम से देख सके। नगर, तहसील और ब्लॉक स्तर तक लाइव झलक पहुंचाने की तैयारी पूरी की जा चुकी है।
फूलों, रोशनी, सजावटी इंस्टॉलेशनों और सांस्कृतिक प्रदर्शनों से अयोध्या इन दिनों उत्सव की अनोखी छटा बिखेर रही है। यह सिर्फ एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भारत की संस्कृति, परंपरा, तकनीक और राष्ट्र भावना का ऐसा संगम है, जो विश्व को अयोध्या की नई पहचान दिखाने जा रहा है।
25 नवंबर को जब भगवा ध्वज राम मंदिर के शिखर पर लहराएगा, तब अयोध्या का यह अध्याय इतिहास में स्वर्णाक्षरों में दर्ज होगा।







