उप सम्पादक जीत बहादुर चौधरी की रिपोर्ट
26/11/2025
काठमाण्डौ,नेपाल – पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और पूर्व क्रिकेटर इमरान खान की जेल में हत्या की अफवाह ने सोशल मीडिया पर माहौल गर्म कर दिया है।
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री खान की रावलपिंडी की हाई-सिक्योरिटी वाली अदियाला जेल में हत्या की अफवाह ने मंगलवार रात सोशल मीडिया पर माहौल गर्म कर दिया।
ऐसे दावे किए गए हैं कि आर्मी चीफ असीम मुनीर की लीडरशिप वाली सेना ने जेल में खान की हत्या का आदेश दिया था। सोशल मीडिया पर ऐसे दावे करने वाले ज़्यादातर अकाउंट संदिग्ध हैं।
मिनिस्ट्री ऑफ़ फॉरेन अफेयर्स ऑफ़ बलूचिस्तान नाम के एक X (ट्विटर) अकाउंट से किए गए एक पोस्ट में दावा किया गया है कि इमरान खान की कस्टडी में हत्या कर दी गई। जबकि बलूचिस्तान अभी भी पाकिस्तान का इलाका है।
अफ़गानिस्तान में कुछ मीडिया प्लेटफॉर्म पर बिना कन्फर्म सोर्स का हवाला देते हुए इमरान की हत्या की बिना कन्फर्म खबर फैलाते हुए पाया गया है।
हालांकि, पाकिस्तानी सरकार और जेल अधिकारियों ने इस पर कोई ऑफिशियल कमेंट या जानकारी नहीं दी है। इमरान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) ने मांग की है कि उनकी हालत पब्लिक की जाए।
इमरान खान के बारे में किसी के पास पक्की जानकारी नहीं है क्योंकि वह लंबे समय से हाउस अरेस्ट में हैं। PTI अगस्त 2023 से जेल में बंद इमरान की सुरक्षा को लेकर चिंता जता रही है और उनकी हालत पब्लिक करने की मांग कर रही है।
PTI इमरान को उनके लीगल एडवाइजर और परिवार के सदस्यों से मिलने से मना किए जाने पर एतराज़ जता रही है।
*अफवाहों के चलते बहनें जेल पहुंचीं*
सोशल मीडिया पर इमरान की हत्या की अफवाह फैलने के बाद उनकी बहनें नूरीन खान, अलीमा खान और उज़मा खान मंगलवार रात अदियाला जेल पहुंचीं।
उन्होंने जेल एडमिनिस्ट्रेशन से अपने भाई के ज़िंदा होने का सबूत मांगा था।
हालांकि, एक और अफवाह फैली कि जेल एडमिनिस्ट्रेशन ने इमरान की बहनों और PTI वर्कर्स को पीटा है। X पर अपलोड किए गए एक वीडियो में PTI वर्कर्स जेल एडमिनिस्ट्रेशन के खिलाफ प्रोटेस्ट करते और नारे लगाते दिख रहे हैं।
उनका आरोप है कि मिलिट्री अधिकारी इमरान की हालत छिपा रहे हैं। PTI ने एक बयान में कहा, “इमरान को तीन हफ़्ते से ज़्यादा समय से अपने परिवार के किसी भी सदस्य से मिलने की इजाज़त नहीं है।”
इमरान खान से हमदर्दी रखने वाले राजनीतिक लोगों को भी उनसे मिलने से रोक दिया गया है।
PTI का आरोप है कि जेल प्रशासन के नियम सरकारी मशीनरी के बजाय सेना तय करने लगी है।
उनकी हत्या की बेबुनियाद अफवाहों के बावजूद, पाकिस्तानी सरकार ने अभी तक इमरान की हालत के बारे में कोई पक्की जानकारी जारी नहीं की है।







