सीमा संवाददाता जीत बहादुर चौधरी की रिपोर्ट
12/08/2025
काठमाण्डौ,नेपाल – पेयजल मंत्री प्रदीप यादव और भारत सरकार के विशेषज्ञ दलों ने तराई-मधेस में पेयजल समस्या के समाधान पर गहन चर्चा की।
मंत्रालय की संयुक्त सचिव एवं प्रवक्ता मीना श्रेष्ठ ने बताया कि मंत्री यादव के विशेष निमंत्रण पर आज मंत्रालय आए भारत सरकार के विशेषज्ञ दलों ने मधेस प्रांत में पेयजल संकट और उसके दीर्घकालिक समाधान पर गहन चर्चा की।
उनके अनुसार, यह आज कल, मंगलवार से तराई-मधेस के संकटग्रस्त जिलों का दौरा करेगा, स्थलीय निरीक्षण करेगा और समस्या के समाधान के लिए आवश्यक कार्ययोजना तैयार करेगा।
चर्चा के दौरान, मंत्री यादव ने कहा कि बीरगंज महानगर में पेयजल संकट सबसे अधिक गंभीर है, जबकि बारा जिला और अन्य जिलों के विभिन्न वार्डों में भी पानी की कमी गंभीर चुनौतियों का कारण बन रही है।
उन्होंने कहा, “बीरगंज महानगर में पेयजल संकट विशेष रूप से गंभीर है और पानी की कमी गंभीर चुनौतियाँ पैदा कर रही है। वहाँ इस समस्या का समाधान आवश्यक है।”
इसी प्रकार, उन्होंने बताया कि नेपाल सरकार मधेश प्रांत के लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के उद्देश्य से नेपाल-भारत सहयोग को और अधिक प्रभावी और परिणामोन्मुखी बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
मंत्री यादव ने कहा कि आज का सहयोग कुछ महीने पहले भारत सरकार के जल संसाधन मंत्रालय के साथ हस्ताक्षरित समझौता ज्ञापन (एमओयू) के परिणामस्वरूप संभव हुआ है और उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इससे नेपाल-भारत संबंध और मज़बूत होंगे।
भारतीय विशेषज्ञ दल के साथ आज की बैठक में मंत्रालय की सचिव ई. प्रमिला देवी शाक्य बज्राचार्य, संयुक्त सचिव मीना श्रेष्ठ, कमल राज श्रेष्ठ, पेयजल एवं सीवरेज प्रबंधन विभाग के महानिदेशक ई. राम कुमार श्रेष्ठ, उप महानिदेशक नारायण प्रसाद आचार्य और मेलमची विकास समिति के प्रमुख रत्न प्रसाद लामिछाने उपस्थित थे।
इसी तरह भारतीय विशेषज्ञ दल में देहरादून के क्षेत्रीय निदेशक प्रशांत राय, लखनऊ पेयजल विभाग के जगदंबा प्रसाद और स्वच्छता सलाहकार आशीष पांडे शामिल थे।







