उप सम्पादक जीत बहादुर चौधरी की रिपोर्ट
16/10/2025
काठमाण्डौ,नेपाल – भारत की जन सूरज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने घोषणा की है कि वह बिहार विधानसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे।
उन्होंने कहा कि उन्होंने पार्टी के हित में चुनाव नहीं लड़ने का फैसला किया है।
बुधवार को पीटीआई को दिए एक साक्षात्कार में, प्रशांत किशोर ने कहा, “मैं चुनाव नहीं लड़ूँगा। पार्टी के पास कई काम हैं। अगर मैं उन सभी को पूरा कर लूँ, तो काफी होगा। अगर मैं चुनाव लड़ने जाता हूँ, तो काम में बाधा आएगी। इसलिए, मैं अभी जो काम कर रहा हूँ, उसे जारी रखूँगा।”
उन्होंने कहा कि वह समाज और सड़कों पर अपने राजनीतिक अभियान को जारी रखने में सक्रिय रहेंगे।
प्रशांत किशोर ने कहा कि चुनाव में 150 से कम सीटें मिलना हार के समान होगा।
उन्होंने कहा, “150 से कम सीटें, चाहे 120 हों या 130, मेरे लिए हार होगी।” “अगर हम अच्छा काम करेंगे, तो हमें बिहार को दूसरे राज्यों से बेहतर बनाने का जनादेश मिलेगा।” लेकिन अगर हम अच्छा काम नहीं कर पाते, तो इसका मतलब है कि जनता ने हम पर भरोसा नहीं किया है।
बिहार की 243 सदस्यीय विधानसभा के लिए 6 और 11 नवंबर को दो चरणों में मतदान होगा। प्रमुख दलों ने अपने उम्मीदवारों की सूची जारी करके अपने चुनाव अभियान को तेज़ कर दिया है।
*प्रशांत किशोर कौन हैं?*
प्रशांत किशोर, जिन्हें पी.के. के नाम से जाना जाता है, एक पूर्व चुनाव रणनीतिकार और सामाजिक कार्यकर्ता हैं।
अपने अभियान के दौरान, उन्होंने लोगों की भावनाओं और ज़रूरतों को समझने और उनकी ज़रूरतों के अनुरूप शासन का खाका तैयार करने के उद्देश्य से 3,500 किलोमीटर की पदयात्रा की। इसके बाद उन्होंने 2024 में महात्मा गांधी जयंती के अवसर पर ‘जन सुराज पार्टी’ की घोषणा की।
प्रशांत किशोर तब से चर्चा में हैं जब से उन्होंने बिहार के 100 सबसे भ्रष्ट नेताओं और नौकरशाहों की संपत्ति ज़ब्त करने की योजना की घोषणा की है। कुछ लोग उन्हें भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई के प्रतीक के रूप में पेश कर रहे हैं।
इसके अलावा, पार्टी ने उम्मीदवार चयन में अमेरिकी शैली की प्राथमिकताएँ, किसी भी समय निर्वाचित प्रतिनिधियों को वापस बुलाने का अधिकार और 90 प्रतिशत नए उम्मीदवारों के चयन जैसे सुधारात्मक उपाय भी पेश किए हैं।
उनके नेतृत्व में पार्टी 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में सभी 243 सीटों पर उम्मीदवार उतारने की योजना बना रही है।







