सीमा संवाददाता जीत बहादुर चौधरी की रिपोर्ट
27/07/2025
काठमाण्डौ,नेपाल — दोधारा चांदनी नगर पालिका में ड्राई पोर्ट का निर्माण कार्य शुरू हो गया है।
मंगलवार को यह स्थल एक भारतीय निर्माण कंपनी को सौंप दिया गया और भौतिक अवसंरचना का निर्माण-पूर्व कार्य शुरू हो गया है।
इंटरमॉडल ट्रांसपोर्ट डेवलपमेंट कमेटी ने मंगलवार को यह स्थल कॉम्ट कंस्ट्रक्शन को सौंप दिया, जिसे ड्राई पोर्ट बनाने का ठेका दिया गया था।
इंटरमॉडल ट्रांसपोर्ट डेवलपमेंट कमेटी के कार्यकारी निदेशक आशीष गजुरेल ने कहा, “दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों द्वारा संयुक्त रूप से आधारशिला रखने के बाद ही निर्माण आधिकारिक रूप से शुरू होगा।”
उन्होंने आगे कहा, “अब, स्थल को साफ करने, पेड़ों के ठूंठों को हटाने और कंपनी के कार्यालय के निर्माण का काम शुरू होगा।”
मंगलवार से ही क्षेत्र में गिरे हुए पेड़ों के ठूंठों को उखाड़ने और झाड़ियों को साफ करने का काम शुरू हो गया है।
प्रारंभिक निर्माण कार्य अभी चल रहा है। बाड़ लगाने का काम भी शुरू हो गया है। ड्राई पोर्ट निर्माण स्थल के लिए झंडे लगाकर क्षेत्र को चिह्नित कर दिया गया है। यह काम अगले तीन वर्षों में पूरा होने की उम्मीद है।
गजुरेल ने कहा, “ड्राई पोर्ट से सिर्फ़ माल आयात ही नहीं होगा, बल्कि यह एक व्यावसायिक बुनियादी ढाँचा भी है। यहाँ से हम यूरोप और अमेरिका को निर्यात भी कर सकते हैं। अब हमें निर्यात के लिए उद्योग भी स्थापित करने चाहिए।”
उन्होंने कहा कि वे दो दशकों से चर्चा में रहे ड्राई पोर्ट के निर्माण चरण की प्रगति को लेकर बेहद उत्साहित हैं।
कॉम्ट कंस्ट्रक्शन को ड्राई पोर्ट के निर्माण के लिए 2.4 अरब रुपये का ठेका दिया गया है। निर्माण के प्रबंध निदेशक शर्मा ने बताया कि तीन साल के भीतर काम पूरा करने के लिए अनुबंध पर हस्ताक्षर किए गए हैं।
शर्मा ने कहा, “स्थल सौंप दिया गया है, अब हम निर्माण-पूर्व कार्य करेंगे। शिलान्यास के बाद निर्माण कार्य आगे बढ़ेगा।”
ड्राई पोर्ट के निर्माण के लिए दोधारा चांदनी नगर पालिका-1 स्थित गौरीशंकर सामुदायिक वन के 42.36 हेक्टेयर क्षेत्र में फैले 1,702 पेड़ों को साफ़ कर दिया गया है। वर्तमान में, इन पेड़ों के ठूंठों को हटाने, झाड़ियों को हटाने और गड्ढों को भरने का काम चल रहा है। मलेरिया नाला से निर्माण स्थल तक एक सड़क भी बनाई गई है।
यद्यपि ड्राई पोर्ट के लिए 42 हेक्टेयर से अधिक भूमि खरीदी गई थी, लेकिन निर्माण कार्य में केवल 25.3 हेक्टेयर भूमि का ही उपयोग किया जाएगा। इस क्षेत्र में प्रशासनिक भवन, गोदाम, रसोई, सुरक्षा, क्वारंटाइन गृह और लोडिंग-अनलोडिंग शेड बनाए जाएँगे। इसके अलावा, चारों तरफ दीवारें भी बनाई जाएँगी। औद्योगिक एवं निवेश संवर्धन बोर्ड के सदस्य और व्यवसायी तेज चंद ने कहा, “देर से ही सही, ड्राई पोर्ट का निर्माण शुरू होने वाला है, यह हमारे लिए खुशी की बात है। सभी को इसे जल्द से जल्द पूरा करके चालू करने का प्रयास करना चाहिए।”
उन्होंने कहा कि ड्राई पोर्ट न केवल सुदूर पश्चिम बल्कि नेपाल के विकास में भी सहायक होगा। उम्मीद है कि आगामी भाद्रपद में प्रधानमंत्री की भारत यात्रा के दौरान दोनों देशों के प्रधानमंत्री संयुक्त रूप से इसकी आधारशिला रखेंगे। निर्माण कंपनी के अनुसार, इसके बाद ही अन्य संरचनाओं का निर्माण किया जाएगा। ड्राई पोर्ट के लिए महाकाली नदी पर चार लेन का कंक्रीट का पुल बनाया गया है।
गड्डाचौकी से मलेरिया नाला तक लगभग 8 किलोमीटर लंबा पहुँच मार्ग भी बनाया जा चुका है। इस पहुँच मार्ग पर अभी कुछ जगहों पर तारकोल बिछाना बाकी है। भारत की ओर, राष्ट्रीय राजमार्ग पर चक्करपुर से सुक्का बंदरगाह तक पहुँच मार्ग का भी निर्माण किया जा रहा है। उस क्षेत्र में पहुँच मार्ग का निर्माण कार्य दो वर्षों से चल रहा है।







