उप सम्पादक जीत बहादुर चौधरी की रिपोर्ट
11/09/2025
काठमाण्डौ,नेपाल – मंगलवार को नई पीढ़ी (गेंजी) का विरोध प्रदर्शन पहले ही विनाशकारी राह पर चल पड़ा था। राजधानी में गेंजी आंदोलन से भड़की आग एक के बाद एक सरकारी ढाँचों तक फैल रही थी।
सोमवार, 8 सितम्बर को सरकारी दमन के कारण 19 लोगों की मौत के बाद, गेंजी आंदोलन, जिसे मंगलवार सुबह से ही जनता का समर्थन मिल रहा था, ज़ोर पकड़ रहा था। अब तक गेंजी पीढ़ी और नेपाल पुलिस की मौत का आंकड़ा 30 तक पहुँच चुका है।
देश भर में सरकार गठन से जुड़े होने की अफवाहों वाले सरकारी ढाँचे, नेता और बड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठान आग की लपटों में घिरने लगे थे। जैसे ही गेंजी आंदोलन विनाशकारी राह पर चल पड़ा, काठमाण्डौ का आसमान काले बादलों से ढकने लगा, जब ल्हासा से हिमालय एयरलाइंस की 775 उड़ान दोपहर 12:35 बजे काठमाण्डौ में उतरने वाली थी।
हिमालया का विमान, जो बंद करने के फ़ैसले से पहले पहुँच गया था, यह कहकर पोखरा की ओर मोड़ दिया गया कि वह काठमाण्डौ में उतरने की स्थिति में नहीं है।
जब विभिन्न देशों के 65 यात्रियों को लेकर यह विमान पोखरा में उतरा, तो अफ़वाहें फैलने लगीं कि प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने इस्तीफ़ा दे दिया है और विदेश भाग रहे हैं।
कुछ भारतीय मीडिया संस्थानों ने तो यहाँ तक लिखा कि प्रधानमंत्री पद से इस्तीफ़ा दे चुके ओली दुबई भाग रहे हैं। इस अफ़वाह ने पोखरा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के अधिकारियों सहित सभी सुरक्षा एजेंसियों में तनाव पैदा कर दिया था।
जब गेंजी के नाम पर विरोध प्रदर्शन विनाशकारी और हिंसक होता जा रहा था, तब कुछ युवा पोखरा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुँच गए और कहा कि ओली भाग रहे हैं। पोखरा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “युवाओं का एक समूह यह पूछने लगा कि प्रधानमंत्री ओली कहाँ छिपे हैं।
उन्होंने हवाई अड्डे को आग लगाने की भी बात की, लेकिन यह एक अफ़वाह थी।” बहुत से लोगों ने कहा कि नेता चीन द्वारा बनाए गए हवाई अड्डे से भाग रहे हैं और उन्हें आग लगा देनी चाहिए, लेकिन सुरक्षा एजेंसियों के संयम ने किसी भी नुकसान को रोक दिया।
इस्तीफ़ा देने के बाद, ओली हेलीकॉप्टर से पोखरा के विजयपुर स्थित पश्चिम प्रिताना मुख्यालय पहुँचे और बताया कि वे हिमालय एयरलाइंस से चीन भाग रहे हैं। इस अफवाह ने नेपाली सेना से लेकर पुलिस तक सुरक्षा व्यवस्था को और तनावपूर्ण बना दिया था।
त्रिभुवन हवाई अड्डे के सूचना अधिकारी ज्ञानेंद्र भुल ने बताया कि ल्हासा से 65 यात्रियों को लेकर आ रहा हिमालय एयरलाइंस का विमान पोखरा की ओर मोड़ दिया गया क्योंकि वह काठमाण्डौ में उतरने की स्थिति में नहीं था।
भुल ने कहा, “काठमाण्डौ में स्थिति खराब थी। हवाई अड्डा बंद था। हिमालय एयरलाइंस द्वारा भी पोखरा की ओर मोड़ने की घोषणा के बाद विमान को वहाँ भेजा गया।”
विभिन्न देशों के पर्यटकों सहित, दोपहर 1:37 बजे पोखरा पहुँचे विमान में सवार यात्रियों को मंगलवार रात 5 होटलों में ठहराया गया।
त्रिभुवन अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के खुलने के साथ ही पोखरा हवाई अड्डे को भी खोलने का निर्णय लिया गया और हिमालय एयरलाइंस का विमान ल्हासा से काठमाण्डौ लाए गए यात्रियों को लेकर गया।
पोखरा हवाई अड्डे के महाप्रबंधक जगन्नाथ निरौला ने बताया कि ओली के नाम से जुड़ी बेबुनियाद अफवाह फैलने के बाद हिमालय एयरलाइंस के विमान में सवार यात्रियों की सूची सार्वजनिक करनी पड़ी।
निवर्तमान प्रधानमंत्री ओली, जिनके बारे में कहा जा रहा है कि वे इस्तीफ़ा देने के बाद सैन्य सुरक्षा में हैं, का आधिकारिक तौर पर पता नहीं चल पाया है, इसलिए तरह-तरह की अफवाहें और तर्क सामने आ रहे हैं।
अधिकारियों का कहना है कि विरोध प्रदर्शनों के दौरान फैल रही कई अफवाहें सुरक्षा चुनौतियों को और बढ़ा देंगी।







