उप सम्पादक जीत बहादुर चौधरी की रिपोर्ट
02/10/2025
काठमाण्डौ,नेपाल – पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर (PAK) में बुधवार को विरोध प्रदर्शन हिंसक हो गए।
चाम्याती इलाके में हुई झड़पों में तीन पुलिसकर्मी मारे गए और लगभग 150 पुलिसकर्मी घायल हो गए। घायलों में से आठ की हालत गंभीर है।
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री चौधरी अनवारुल हक और संघीय मंत्री तारिक फजल चौधरी ने एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में घटना की पुष्टि की।
प्रधानमंत्री हक ने कहा कि हिंसा से कोई भी उद्देश्य हासिल नहीं किया जा सकता और संघर्षों का समाधान हमेशा बातचीत के जरिए ही निकाला जाना चाहिए।
संघीय मंत्री चौधरी ने बताया कि पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने उन्हें समिति के नेताओं के साथ बातचीत करके समाधान निकालने की ज़िम्मेदारी सौंपी है।
उनके अनुसार, समिति की 90 प्रतिशत माँगें पूरी कर दी गई हैं और वह बाकी मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार हैं।
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शाहबाज़ शरीफ ने पाकिस्तान में बिगड़ते हालात पर गंभीर चिंता व्यक्त की है और घटना की पारदर्शी जाँच के आदेश दिए हैं।
उन्होंने अधिकारियों को विरोध प्रदर्शनों से प्रभावित परिवारों को तत्काल सहायता प्रदान करने का भी निर्देश दिया।
उन्होंने कहा, “शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक और लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन प्रदर्शनकारियों को सार्वजनिक व्यवस्था को बाधित करने वाले कार्यों से बचना चाहिए।”
जम्मू कश्मीर पब्लिक एक्शन कमेटी (पीएसी) के माध्यम से प्रदर्शनकारियों ने सरकार से प्रशासनिक अधिकारियों और राजनीतिक नेताओं के विशेषाधिकार समाप्त करने, पाकिस्तान में शरणार्थियों के लिए 12 विधानसभा सीटें प्रदान करने, मुफ्त स्वास्थ्य सेवा, कपड़े और शिक्षा, एक अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की स्थापना, कोटा प्रणाली को समाप्त करने और न्यायिक प्रणाली में सुधार सहित कई मांगें की हैं।
सरकार और पीएसी के बीच हाल ही में हुई वार्ता विफल होने के बाद विरोध प्रदर्शन तेज हो गए हैं।







