परतावल/महराजगंज
महराजगंज जिले की देवरिया शाखा नहर में पिछले एक सप्ताह से भटक रही दुर्लभ गंगा डॉल्फिन को वन विभाग और विशेषज्ञ टीम ने आखिरकार सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया। कुशीनगर के सुम्हाखोर क्षेत्र में सोमवार को करीब 24 घंटे तक चले ऑपरेशन के बाद डॉल्फिन को बिना किसी चोट के पकड़ा गया।
पिछले एक सप्ताह से नहर में डॉल्फिन दिखाई देने की सूचना के बाद से वन विभाग अलर्ट मोड में था। गोरखपुर, महराजगंज और कुशीनगर वन प्रभाग की संयुक्त टीम के साथ लखनऊ से आए टर्टल सर्वाइवल एलायंस (TSA) के विशेषज्ञ भी रेस्क्यू में जुटे थे। डॉल्फिन लगातार अपना स्थान बदल रही थी, जिससे अभियान बेहद चुनौतीपूर्ण हो गया था। विशेषज्ञ टीम नहर में उसकी हर गतिविधि पर नजर बनाए हुए थी। सोमवार को सुम्हाखोर क्षेत्र में अनुकूल परिस्थिति मिलते ही TSA और वन टीम ने सावधानीपूर्वक जाल और अन्य उपकरणों की मदद से डॉल्फिन को सुरक्षित पकड़ लिया।
पूरे अभियान के दौरान इस बात का विशेष ध्यान रखा गया कि डॉल्फिन को किसी तरह की क्षति न पहुंचे।
स्वास्थ्य परीक्षण के बाद प्राकृतिक आवास में छोड़ी जाएगी वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि डॉल्फिन का मेडिकल चेकअप कराया जाएगा। स्वस्थ पाए जाने पर उसे जल्द ही उसके प्राकृतिक आवास में सुरक्षित छोड़ दिया जाएगा।
अधिकारियों के अनुसार तीनों वन प्रभागों और TSA टीम के बेहतर समन्वय के कारण यह मुश्किल अभियान सफल हो पाया। रेस्क्यू के दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय लोग भी मौजूद रहे। वन विभाग ने अभियान में सहयोग करने वाले सभी ग्रामीणों और स्थानीय लोगों का आभार व्यक्त किया।
गंगा डॉल्फिन को भारत का राष्ट्रीय जलीय जीव घोषित किया गया है और यह विलुप्तप्राय प्रजातियों में शामिल है।






