उप सम्पादक जीत बहादुर चौधरी की रिपोर्ट
08/10/2025
काठमाण्डौ,नेपाल – राजतंत्रवादी गेंजी समूह की ओर से सार्वजनिक किए गए 15 सूत्री प्रस्ताव में मांग की गई है कि राष्ट्रीय एकता का मार्ग सर्वदलीय सहमति से निकाला जाए।
यह बयान, जो विशेष रूप से सरकार और राजनीतिक ताकतों को संबोधित है, चेतावनी देता है कि अगर कोई सर्वमान्य समाधान नहीं निकला तो ‘विद्रोह’ हो सकता है।
इस बयान में, जिसमें 15 सूत्री विभिन्न माँगें और प्रस्ताव शामिल हैं, इसे जारी करने वाले व्यक्ति का नाम या हस्ताक्षर नहीं है।
‘जनरल-जी अलायंस फॉर मोनार्की’ नाम से जारी इस दस्तावेज़, जिसे राजशाही की बहाली का समर्थक बताया जा रहा है, में कहा गया है, ‘अगर कोई सर्वमान्य समाधान नहीं निकला, तो हम विद्रोह करने पर मजबूर होंगे।’
इस बयान में संवैधानिक राजतंत्र की बहाली, प्रत्यक्ष रूप से निर्वाचित कार्यकारी प्रधानमंत्री प्रणाली, सांसदों की शक्तियों को सीमित करना, असमान संधियों को निरस्त करना और नेपाल को हिंदू-बौद्ध-किरात धार्मिक राज्य घोषित करना, सभी स्तरों पर कम से कम 50 प्रतिशत महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करना और 18 से 24 वर्ष की आयु के युवाओं के लिए अनिवार्य राष्ट्रीय सेवा लागू करना जैसे मुद्दे शामिल हैं।







