उप सम्पादक जीत बहादुर चौधरी की रिपोर्ट
08/10/2025
काठमाण्डौ,नेपाल – राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने सरकार से शांति और सुरक्षा को मज़बूत करने और सभी पक्षों से संयम बरतने का आग्रह किया है।
बुधवार को एक बयान जारी कर आयोग ने लोगों से हिंसक गतिविधियों और अभद्र भाषा का प्रयोग न करने का आग्रह किया।
आयोग ने कहा, “हिंसक गतिविधियाँ, नकारात्मक आलोचना और दूसरों को निशाना बनाकर की गई अभद्र भाषा सामाजिक सद्भाव को बिगाड़ती है और राजनीतिक माहौल को भी धूमिल करती है, जिससे शांति, सुरक्षा और कानून के शासन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।”
आयोग ने कहा, ‘सार्वजनिक और निजी संपत्ति की रक्षा करना, कानून का शासन बनाए रखना और सामाजिक सद्भाव बनाए रखते हुए जनमत पर आधारित निष्पक्ष राजनीतिक प्रतिस्पर्धा के माध्यम से वर्तमान संक्रमणकालीन स्थिति का समाधान करना संबंधित राज्य निकायों की ज़िम्मेदारी है, और ऐसी प्रक्रिया का समर्थन करना आम नागरिक का भी कर्तव्य है।’
आयोग के प्रवक्ता डॉ. टीकाराम पोखरेल ने कहा कि आयोग 8 और 9 सितम्बर को हुई आगजनी में हुई हिंसा और मानवाधिकार उल्लंघन की घटनाओं की जाँच तेज़ कर रहा है।
उन्होंने कहा, “आयोग विकासशील स्थिति की निगरानी और संबंधित निकायों से तथ्य एकत्र करने का अपना काम जारी रखे हुए है।”
आयोग ने कहा, “आयोग नेपाल सरकार को निर्देश देता है कि वह धैर्य और संयम के साथ आवश्यक कदम उठाए, साथ ही विकासशील स्थिति में शांति, सुरक्षा और कानून के शासन को मज़बूत करने के लिए सुरक्षा एजेंसियों का मनोबल बढ़ाए।”
आयोग ने राजनीतिक दलों और समूहों से आग्रह किया है कि वे आगामी दिनों में विभिन्न समूहों द्वारा आयोजित प्रदर्शनों को गरिमापूर्ण और संयमित बनाएं, दूसरों के प्रति घृणास्पद भाषण को रोकें, सामाजिक सद्भाव बनाए रखें और जनमत पर आधारित निष्पक्ष राजनीतिक प्रतिस्पर्धा के माध्यम से राजनीतिक समाधान की प्रक्रिया में भाग लें।







