राम मिलन गुप्ता की रिपोर्ट
परतावल / महराजगंज
महराजगंज जनपद के नगर पंचायत परतावल के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सोमवार को आशा कार्यकत्रियों और आशा संगिनियों ने चार माह से लंबित वेतन और निश्चित मानदेय के भुगतान की मांग को लेकर जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। सुबह से ही स्वास्थ्य केंद्र परिसर में जुटी आशा कार्यकत्रियों ने “हमारा हक हमें दो”, “वेतन दो या कुर्सी छोड़ो” जैसे नारे लगाते हुए अधिकारियों के खिलाफ जमकर विरोध जताया।
धरना स्थल पर पहुंची आशा संघ ब्लॉक अध्यक्ष रीता तिवारी ने कहा कि चार महीने से मानदेय नहीं मिलने के कारण आशाओं के परिवार आर्थिक संकट में हैं। उन्होंने कहा कि सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की बात करती है, लेकिन समय से भुगतान न होने से आशा बहनों का जीवन मुश्किलों से भर गया है। कहा कि हम दिन-रात गांवों में स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने का काम करते हैं, प्रसव, टीकाकरण, सर्वे और जनसंख्या नियंत्रण जैसे कार्यों में लगे रहते हैं, फिर भी हमारे साथ उपेक्षा की जा रही है।
उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक लंबित वेतन और प्रोत्साहन राशि का भुगतान नहीं किया जाता, तब तक आशाएं किसी प्रकार का कार्य नहीं करेंगी। आशा कार्यकत्रियों ने यह भी मांग की कि उनका मानदेय सीधे उनके खातों में भेजा जाए ताकि किसी बिचौलिए की भूमिका समाप्त हो।
प्रदर्शन के दौरान कई आशा कार्यकत्रियों ने अपनी समस्याएं साझा करते हुए कहा कि आयुष्मान भारत योजना के तहत मिलने वाली प्रोत्साहन राशि भी महीनों से नहीं मिली है। इसके अलावा कई आशाओं के मोबाइल सिम बंद हैं, जिससे उन्हें विभागीय संदेश और सूचनाएं नहीं मिल पा रही हैं। उन्होंने मांग की कि जल्द से जल्द सिम चालू कराकर सभी बकाया भुगतान किए जाएं।
धरना-प्रदर्शन में सुशीला देवी, शकुंतला, दुर्गावती, रुक्मणी, सांबा देवी, इस्रावती, अंबिका, रीना, रीता गौतम, रीता देवी, ममता पांडेय, माया द्विवेदी, सरस्वती, सुभद्रा, उर्मिला, निर्मला, गायत्री, संध्या सहित सैकड़ों आशा कार्यकत्रियां मौजूद रहीं। प्रदर्शन के दौरान केंद्र पर अफरातफरी का माहौल रहा और स्वास्थ्य सेवाएं भी कुछ समय के लिए प्रभावित रहीं।







