‘संविधान दिवस संघीय लोकतांत्रिक गणराज्य के मूल्यांकन का दिन है’
उप सम्पादक जीत बहादुर चौधरी की रिपोर्ट
19/09/2025
काठमाण्डौ,नेपाल – अंतरिम सरकार की प्रधानमंत्री सुशीला कार्की ने कहा है कि लोकतंत्र जनता की आवाज़ सुनने, संवाद करने और समाधान खोजने की व्यवस्था है।
उन्होंने यह बात आज संविधान दिवस के अवसर पर सैनिक मंच टुंडीखेल में आयोजित मुख्य समारोह को संबोधित करते हुए कही।
उन्होंने यह भी कहा कि जनरल जी पीढ़ी का आंदोलन, पिछली प्रतिबद्धताएँ, संघीय गणतांत्रिक शासन प्रणाली, नागरिक स्वतंत्रता, मौलिक अधिकार, मानवाधिकार, पूर्ण प्रेस स्वतंत्रता, स्वतंत्र, निष्पक्ष, सक्षम न्यायपालिका, कानून का शासन, सुशासन और अन्य लोकतांत्रिक मूल्य और मानदंड, इनके लिए सही मायने में खड़े न हो पाने का परिणाम हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान सरकार युवा पीढ़ी सहित सभी नागरिकों की आशाओं और अपेक्षाओं के अनुरूप काम करने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा, “युवा पीढ़ी, जो अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर देखी जा रही नागरिक-हितैषी शासन प्रणाली, खुली सरकार और आभासी शासन व्यवस्था से परिचित है, द्वारा उठाए गए मुद्दे, जैसे रोज़गार के अवसर, जीवन की गुणवत्ता, सरकारी कार्यों में पारदर्शिता, कानूनी समानता, भ्रष्टाचार का अंत, सुशासन और विकास, वास्तव में हम सभी पीढ़ियों की साझा अपेक्षाएँ और राष्ट्रीय एजेंडा हैं।
यह सरकार इन एजेंडों को अपनाकर जनता की अपेक्षाओं के अनुरूप कार्य करने के लिए प्रतिबद्ध है।”
उन्होंने स्पष्ट किया कि वह किसी सरकारी आकांक्षा या किसी पद की लालसा से प्रधानमंत्री नहीं बनी हैं।
उन्होंने कहा कि वह संकट के समय परिवर्तन चाहने वाली युवा पीढ़ी के अनुरोध पर आधारित परिवर्तन का प्रबंधन करने के लिए प्रधानमंत्री बनी हैं।
उन्होंने नेपाल के संविधान के अनुसार, 6 महीने के भीतर प्रतिनिधि सभा के चुनाव के माध्यम से जन-प्रतिनिधि सरकार को दायित्व सौंपने का संकल्प लिया।
“मैं किसी सरकारी आकांक्षा या किसी पद की लालसा से प्रधानमंत्री नहीं बनी थी। जब देश संकट में था, तो मैं चुप नहीं रह सकी और बदलाव के लिए काम कर रही युवा पीढ़ी के अनुरोध पर, मैं वर्तमान अंतरिम सरकार की प्रधानमंत्री बनी ताकि नेपाल के संविधान के अनुसार छह महीने के भीतर प्रतिनिधि सभा के चुनाव के माध्यम से परिवर्तन का प्रबंधन कर जन प्रतिनिधि सरकार को ज़िम्मेदारी सौंप सकूँ।”
प्रधानमंत्री कार्की ने कहा कि संविधान दिवस एक ऐसा दिन है जिस पर सभी नेपालियों को गर्व होना चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि संविधान दिवस केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि संघीय लोकतांत्रिक गणराज्य के मूल्यांकन का दिन भी है।







