उप सम्पादक जीत बहादुर चौधरी की रिपोर्ट
21/04/2026
काठमाण्डौ,नेपाल – बांग्लादेश ने ढाका के हजरत शाहजलाल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर फ्रांसीसी कंपनी थेल्स द्वारा निर्मित अत्याधुनिक थेल्स ग्राउंड मास्टर (जीएम) 403एम रडार और एयर ट्रैफिक मैनेजमेंट सेंटर (एटीएमसी) तैनात किया है।
इस प्रणाली की मुख्य विशेषताएं और भारत के लिए इसके रणनीतिक निहितार्थ नीचे दिए गए हैं:
*सिस्टम क्षमताएं*
*निगरानी रेंज:*
यह रडार ढाका से 650 किमी (350 समुद्री मील) की दूरी तक उड़ानों की निगरानी करने में सक्षम है।
*संचार रेंज:*
चटगांव रडार के साथ एकीकरण के बाद, यह बंगाल की खाड़ी में 833 किमी (450 समुद्री मील) तक संचार कर सकता है।
*ऑपरेशन:*
यह सिस्टम 24/7 काम करेगा, जिससे बांग्लादेश के पूरे हवाई क्षेत्र की सुरक्षा और हवाई यातायात प्रबंधन अधिक सटीक हो जाएगा।
भारत के लिए चिंता का विषय
सिलीगुड़ी कॉरिडोर (चिकन नेक):
बांग्लादेश द्वारा लालमुनिरहाट एयरबेस (जो सिलीगुड़ी कॉरिडोर से 100 किमी से भी कम दूरी पर है) पर चीनी और पश्चिमी रडार सिस्टम तैनात करने की खबरें हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि इन प्रणालियों का उपयोग भारत के उत्तर-पूर्वी राज्यों में हवाई गतिविधियों पर नजर रखने के लिए किया जा सकता है।
रणनीतिक संतुलन:
भारत के संवेदनशील ‘चिकन नेक’ गलियारों में उच्च क्षमता वाले सेंसर की मौजूदगी क्षेत्रीय हवाई क्षेत्र की निगरानी और सुरक्षा संतुलन को प्रभावित कर सकती है।
गहराई से निगरानी:
बांग्लादेश वायु सेना के रडार नेटवर्क की अब कथित तौर पर कोलकाता, गुवाहाटी, पटना और वाराणसी जैसे प्रमुख भारतीय शहरों तक पहुंच है।






